दिल्ली में भाजपा की सत्ता का तो पता नहीं लेकिन सिर फुटौव्वल चरम पर
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नया साल 2020 आने के कुछ दिनों में दिल्ली विधानसभा चुनाव का बिगुल बज जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य विधानसभा चुनाव प्रचार का आगाज भी कर चुके हैं। इसी के साथ भाजपा के भीतर आंतरिक घमासान की लड़ाई भी चरम पर पहुंच रही है। दिल्ली के प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर आंतरिक घमासान से पार पाने की हर कोशिश में लगे हैं। इस बीच दिल्ली भाजपा की उपाध्यक्ष शाजिया इल्मी का दर्द भी छलक आया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव का नतीजा क्या आएगा, यह भविष्य के गर्त में है, लेकिन भीतरघात की तस्वीरें सामने आनी शुरू हो गई हैं।
शाजिया इल्मी का कहना है कि प्रदेश की आंतरिक राजनीति में गुजबाजी के चलते वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर नहीं जा पाई। उन्हें मीडिया गैलरी में बैठकर रविवार को समय बिताना पड़ा। दिल्ली प्रदेश भाजपा के एक नेता का कहना है कि पार्टी के कुछ लोग पुराने कार्यकर्ताओं, नेताओं का अपमान करने में लगे हैं। उन्हें नेता ही नहीं मानते।
दक्षिणी दिल्ली के पार्टी के नेता का कहना है कि कोई व्यक्ति लोकप्रिय हो सकता है, लेकिन राजनीति में सबको साथ लेकर चल पाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। सूत्र का सीधा निशाना भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष मनोज तिवारी की तरफ था। हालांकि मनोज तिवारी दिल्ली में भाजपा को सत्ता में लाने के लिए दिन रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
भाजपा के अंदरखाने से भितरी घमासान को लेकर कई तरह की खबरें हैं। भाजपा के एक सांसद तो प्रदेश नेतृत्व को लेकर अपनी बिल्कुल उलट राय रखते हैं। पूर्वी दिल्ली से भाजपा के टिकट के एक प्रमुख दावेदार का कहना है कि 2020 का विधानसभा चुनाव बहुत रोचक होगा। भाजपा इसमें शानदार प्रदर्शन करेगी।
सूत्र का कहना है कि पार्टी का आंतरिक घमासान कुछ कम हो जाए और सब मिलकर एकजुटता दिखाएं तो अगली सरकार भाजपा की ही बननी है। बताते हैं पिछले पांच साल में केजरीवाल सरकार हर मोर्चे पर फेल रही है। वह केवल विज्ञापन के सहारे जनता में भ्रम फैला रही है। भाजपा के महासचिव और पूर्व दिल्ली प्रभारी अरुण सिंह का भी कहना है कि 2020 के चुनाव में भाजपा दिल्ली में शानदार प्रदर्शन करेंगी।
मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार
दिल्ली में भाजपा के पास कई मुख्यमंत्री का चेहरा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्ष वर्धन इस क्रेडिट लाइन साफ सुथरी छवि के कारण अच्छा स्थान रखते हैं। लेकिन उनके नाम की चर्चा पुराने भाजपा के कार्यकर्ता और दिल्ली वासी करते हैं। भाजपा नेता सचिन गुप्ता के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव में आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की बजाय हर्ष वर्धन ही पार्टी का चेहरा रहे होते तो तस्वीर कुछ और होती। आम आदमी पार्टी को सत्ता पाने के लिए फिर कड़ा मुकाबला करना पड़ता।
विजय गोयल पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। दिल्ली पर अच्छी पकड़ रखते हैं। वह पिछले कुछ साल से दिल्ली की राजनीति में ज्यादा सक्रिय हैं। लोकसभा चुनावल 2019 के बाद से विजय गोयल हर स्तर पर भाजपा को सत्ता में लाने और अपनी छवि में चमक लाने के लिए भरसक कोशिश कर रहे हैं। मनोज तिवारी भाजपा के अध्यक्ष हैं। शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने एक बार उन्हें दिल्ली का चेहरा तक बता दिया था। हालांकि प्रकाश जावड़ेकर की टीम इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रही है।
प्रधानमंत्री मोदी और शाह ने भी नहीं किया इशारा
रविवार को दिल्ली के राम लीला मैदान में धन्यवाद रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सरकार और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कच्ची कालोनियों को पक्की करने के केंद्र सरकार के तोहफे को भी याद किया। इस दौरान दिल्ली के करीब-करीब दिग्गज नेता मंच पर थे। लेकिन प्रधानमंत्री ने दिल्ली में मुख्यमंत्री का चेहरा या चुनाव के लिए नेतृत्व करने वाले चेहरे की तरफ कोई इशारा नहीं किया।
केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी इसको लेकर मौन हैं। भाजपा दिल्ली में सभी चेहरों को आगे करके विधानसभा चुनाव लडऩे के मूड में है। मुख्यमंत्री का चेहरे पर कोई फैसला चुनाव नतीजा आने के बाद लिए जाने की रणनीति है।