दिल्ली को घुट-घुटकर जीना होगा: गंभीर श्रेणी की दहलीज पर वायु प्रदूषण, AQI 400 के करीब; अगले दो दिन भारी
शनिवार व रविवार तक कमोबेश यही स्थिति रहने की आशंका है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार ही बना रहेगा। रात के समय कुहासा छाया रहेगा। स्मॉग छाने के संकेत हैं।
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राजधानी में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर श्रेणी की दहलीज में पहुंच गया है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन महसूस हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 393 दर्ज किया गया। इसमें गुरुवार के मुकाबले 22 सूचकांक की वृद्धि हुई है।
शनिवार व रविवार तक कमोबेश यही स्थिति रहने की आशंका है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार ही बना रहेगा। रात के समय कुहासा छाया रहेगा। स्मॉग छाने के संकेत हैं। इससे हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषकों के फैलाव के लिए मौसम संबंधी स्थितियां बेहद प्रतिकूल होने से स्थिति बिगड़ रही है।
हवा की दिशा बदलने और गति कम होने से वायु गुणवत्ता लगातार दूसरे दिन भी बेहद खराब श्रेणी में रही। ऐसे में जो एक दिन पहले राहत मिली थी, वह आफत बनती दिख रही है। लोग अब भी बेहद खराब हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। हालांकि, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक शुक्रवार को हवाएं पश्चिम दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति 4 से 8 किलोमीटर प्रतिघंटे से रही। हालांकि, शाम को हवा की चाल छह किलोमीटर रही। इससे प्रदूषक और संघन हो गए। इससे लोगों को स्मॉग का सामना करना पड़ा। मिक्सिंग डेप्थ 1450 मीटर रही। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स 4500 घनमीटर प्रति सेकंड रही। 24 घंटे के भीतर वेंटिलेशन इंडेक्स 3500 घनमीटर प्रति सेकंड रहने का अनुमान है।