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दिल्ली: मार्च तक बने मकानों को सुरक्षित करने की कवायद
Tue, 17 Aug 2021 11:39 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 17 Aug 2021 11:39 AM IST
सार
- पूर्वी निगम की स्थाय समिति ने नागरिकों को राहत देने का किया फासला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति ने निर्णय लिया है कि मार्च 2021 तक बने मकानों को तोड़ा नहीं जाएगा और ना ही सील किया जाएगा। इन मकानों में बिजली, पानी कनेक्शन का कनेक्शन देने के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) भी जारी किया जाएगा। पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। स्थायी समिति के फैसले को सदन में पास होना है।
पूर्वी निगम की स्थायी समिति के इस निर्णय से क्षेत्र में तमाम लोगों का भय समाप्त होगा। स्थायी समिति ने सदन को बताया है कि पूर्वी निगम क्षेत्र एक अव्यवस्थित और घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यहां की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा है। अधिकतर आबादी खून पसीने की कमाई घर बनाने में लगा देती है।
पूर्वी निगम क्षेत्र में बड़ा हिस्सा ऐसा है जहां घर बनाने के लिए निगम से नक्शे पास नहीं किए जा सकते। पूर्वी निगम की स्थायी समिति ने स्पष्ट किया कि बिना नक्शे के निर्माण करने पर अवैध निर्माण की विभिन्न धाराओं में निगम को क्षेत्र में तोड़फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ती है। निगम क्षेत्र में हजारों ऐसे नव निर्माण हैं, जिनपर तोड़फोड़ या फिर सीलिंग की तलवार लटकी हुई है। उनके इस निर्णय से ऐसे हजारों लोगों को राहत मिलेगी। बिजली विभाग और दिल्ली जल बोर्ड से लोगों के घरों में बिजली, पानी का कनेक्शन मिल सकेगा।
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पूर्वी निगम की स्थायी समिति के इस निर्णय से क्षेत्र में तमाम लोगों का भय समाप्त होगा। स्थायी समिति ने सदन को बताया है कि पूर्वी निगम क्षेत्र एक अव्यवस्थित और घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यहां की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा है। अधिकतर आबादी खून पसीने की कमाई घर बनाने में लगा देती है।
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पूर्वी निगम क्षेत्र में बड़ा हिस्सा ऐसा है जहां घर बनाने के लिए निगम से नक्शे पास नहीं किए जा सकते। पूर्वी निगम की स्थायी समिति ने स्पष्ट किया कि बिना नक्शे के निर्माण करने पर अवैध निर्माण की विभिन्न धाराओं में निगम को क्षेत्र में तोड़फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ती है। निगम क्षेत्र में हजारों ऐसे नव निर्माण हैं, जिनपर तोड़फोड़ या फिर सीलिंग की तलवार लटकी हुई है। उनके इस निर्णय से ऐसे हजारों लोगों को राहत मिलेगी। बिजली विभाग और दिल्ली जल बोर्ड से लोगों के घरों में बिजली, पानी का कनेक्शन मिल सकेगा।
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