Delhi: अमेरिकी युवती ने भारत आकर परिवार को दी अपहरण की झूठी सूचना, पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से खोज निकाला
बरामद युवती ने बताया कि वह अपनी मर्जी से रिची के साथ रह रही थी। उसकी दोस्ती फेसबुक पर रिची से हुई थी। वह उससे मिलने भारत आई और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी रिची के साथ भारत में रुकी रही। अब मां को इमोशनल ब्लैकमेल करने के लिए उसने यह झूठी कहानी रची।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी दूतावास ने नई दिल्ली जिला पुलिस को भारत आई अमेरिकी युवती के अपहरण की सूचना दी तो दिल्ली पुलिस के होश उड़ गए। 10 जुलाई को युवती ने अपनी मां को भारत से वीडियो कॉल कर बताया कि वह खतरे में है। वह असुरक्षित वातावरण में है और अज्ञात व्यक्ति उसके साथ मारपीट कर रहा है।
शिकायत मिलने के फौरन बाद चाणक्यपुरी थाने में अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया। जांच की गई तो पुलिस युवती के नाईजीरियन दोस्त ओकोरोफोर उर्फ रिची (31) के पास गुरुग्राम पहुंच गई। बाद में उसकी निशानदेही पर अमेरिकी युवती क्लो रेनी मैकलॉघलिन को ग्रेटर नोएडा के एक मकान से बरामद कर लिया गया।
युवती ने बताया कि वह अपनी मर्जी से रिची के साथ रह रही थी। दरअसल गाने के शौक की वजह से उसकी दोस्ती फेसबुक पर रिची से हुई थी। वह उससे मिलने भारत आई और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी रिची के साथ भारत में रुकी रही। उसने अपनी मां को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने के लिए उसे वीडियो कॉल कर खुद के अगवा होने की झूठी खबर दी। रिची का वीजा भी समाप्त हो चुका है। अब पुलिस क्लो रेनी और रिची दोनों के खिलाफ भारत में बिना वीजा के रहने के लिए कानूनी कार्रवाई कर रही है।
नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि उनको अमेरिकी दूतावास से क्लो रेनी नामक युवती के अगवा होने की सूचना मिली थी। दूतावास की ओर से बताया गया था कि तीन मई 2022 को क्लो भारत आई थी। इसके बाद से उसका पता नहीं। क्लो रेनी ने 10 जुलाई को अपनी मां सेंड्रा को वीडियो कॉल कर अगवा होने और मारपीट की बात बताई। इससे पहले कि वह अपनी लोकेशन की बात बताती उसने कमरे में किसी के आने की बात कर फोन बंद कर दिया।
पीड़िता ने एक ईमेल भी अपनी मां को किया। चूंकि मामला विदेशी नागरिक से जुड़ा था, इसलिए चाणक्यपुरी थाने में मामला दर्ज कर कई टीमें बनाकर युवती की तलाश शुरू कर दी गई। सबसे पहले पुलिस ने याहू डॉट कॉम से ईमेल करने वाले सिस्टम का आईपी एड्रेस मांगा। इसके अलावा जिस मोबाइल से क्लो रेनी ने अपनी मां को कॉल किया था, उसका भी पता करने का प्रयास किया गया।
इसके अलावा भारत आने पर क्लो रेनी ने जो इमीग्रेशन फॉर्म भरा से उससे भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। इमीग्रेशन फॉर्म से पता चला कि उसने ग्रेटर नोएडा में एक पांच सितारा होटल में रुकने की जानकारी दी थी। लेकिन टीम के वहां पहुंचने पर पता चला कि क्लो रेनी वहां पहुंची ही नहीं।
पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की जांच की तो क्लो रेनी के एक दोस्त का नंबर मिला। उसके आधार पर पुलिस गुरुग्राम पहुंची। वहां से रिची को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद क्लो रेनी को ग्रेटर नोएडा के एक मकान से बरामद कर लिया गया। पूछताछ के दौरान क्लो रेनी ने बताया कि उसने झूठी कहानी रचकर परिवार को ब्लैकमेल करने का प्रयास किया था। दरअसल भारत आने के बाद छह जून को उसका वीजा समाप्त हो गया था।
उसने बताया कि उसके दोस्त रिची के पासपोर्ट वीजा की अवधि पहले ही समाप्त थी। इन सब वजहों की वजह से उसने कहानी रची। क्लो रेनी ने अमेरिकी विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया हुआ है। वह अपनी मां के साथ वाशींगटन डीसी में रहती है। उसके पिता पूर्व सेना अधिकारी हैं। उसके गाने के शौक की वजह से उसकी दोस्ती रिची से हुई। रिची को भी गाने का शौक है। दोनों ने साथ मिलकर गाने का प्लान बनाया था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।