हवा में घुला जहर: नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम की हवा दिल्ली से ज्यादा जहरीली, NCR में फरीदाबाद सबसे स्वच्छ
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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राजधानी में हवा की गति सुस्त होने और पारा गिरने के चलते फिजा एक बार फिर से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। ऐसे में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 310 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें सोमवार की तुलना में 66 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 322 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 320, नोएडा में 314 और गुरुग्राम में 303 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 220 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 14.98 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 12.21, आवासीय इलाकों से 3.73, निर्माण गतिविधियों से 1.99 और कूड़ा जलाने की 1.39 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, मंगलवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1000 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 223.4 और पीएम2.5 की मात्रा 134 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।