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Delhi Air Pollution: अब बच्चों की पढ़ाई होगी हाइब्रिड मोड में, सीएक्यूएम ने ऑड-ईवन का विकल्प सरकार पर छोड़ा

Sun, 18 Jan 2026 02:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 18 Jan 2026 02:15 AM IST
सार

बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर जिलों में कक्षा छठी से नौवीं और ग्यारहवीं तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

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Delhi Air Pollution: Now children will study in hybrid mode
demo - फोटो : self

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) का स्टेज-चार पूरे एनसीआर में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इस चरण के तहत प्रदूषण को कम करने के लिए 5-पॉइंट एक्शन प्लान को सख्ती से लागू किया जाएगा। बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर जिलों में कक्षा छठी से नौवीं और ग्यारहवीं तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यानी जहां संभव हो वहां ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी।

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सीएक्यूएम के एक अधिकारी के अनुसार, एनसीआर के अन्य इलाकों में भी राज्य सरकारें इसी तरह की व्यवस्था लागू करने पर विचार कर सकती हैं। ऑनलाइन पढ़ाई का जिन छात्रों के पास विकल्प है, उन्हें और उनके अभिभावकों को यह विकल्प चुनने की छूट होगी। इसके अलावा, राज्य सरकारें हालात को देखते हुए कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद करने, गैर-जरूरी कमर्शियल गतिविधियों पर रोक लगाने और ऑड-इवन के आधार पर वाहनों के संचालन जैसे अतिरिक्त आपातकालीन कदमों पर भी निर्णय ले सकती हैं। ऐसे में इन उपायों का सीधा असर ट्रैफिक व्यवस्था, निर्माण कार्यों, स्कूल-कॉलेज और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
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सभी निर्माण और तोड़-फोड़ गतिविधियों पर रहेगी रोक
दिल्ली में बीएस-IV ट्रकों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, जरूरी सामान ले जाने वाले और जरूरी सेवाएं देने वाले ट्रकों को इससे छूट दी गई है। इसके अलावा एलएनजी, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-VI डीजल ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी गई है, ताकि जरूरी सप्लाई चेन प्रभावित न हो। साथ ही, दिल्ली में रजिस्टर्ड बीएस-IV और उससे नीचे के डीजल भारी मालवाहक वाहनों के चलने पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, सिवाय जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों के। इसके अलाव, प्रदूषण के बड़े स्रोत माने जाने वाले निर्माण कार्यों पर भी कड़ा फैसला लिया गया है। ग्रेप स्टेज-तीन की तरह ही अब सभी निर्माण और तोड़-फोड़ गतिविधियों पर रोक रहेगी। इसके साथ-साथ हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पावर ट्रांसमिशन लाइन, पाइपलाइन और टेलीकम्युनिकेशन जैसे लीनियर पब्लिक प्रोजेक्ट्स पर भी काम बंद रहेगा।
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बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को दी हिदायत
सीएक्यूएम के अधिकारियों ने एनसीआर के लोगों से अपील की है कि वे ग्रेप के तहत जारी सिटीजन चार्टर का पालन करें। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस, हृदय या अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को बाहर निकलने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि सभी के सहयोग से ही क्षेत्र की हवा को साफ और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

रात के समय निरीक्षण, कचरा जलाने के 65 मामले पकड़े गए
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत उत्तरी दिल्ली में शाम और रात के समय विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। यह कार्रवाई ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के अंतर्गत की गई। 14 जनवरी, 2026 को शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक जहांगीरपुरी, शालीमार बाग और वजीरपुर इलाकों में सीएक्यूएम की फ्लाइंग स्क्वाड टीमों ने निरीक्षण किया। इस दौरान कचरा और बायोमास जलाने तथा कचरा खुले में फेंकने के कुल 65 मामले सामने आए। इनमें 47 मामले कचरा या बायोमास जलाने के और 18 मामले कचरा फेंकने के पाए गए। अधिकतर लोग ठंड से बचने के लिए सड़कों, दुकानों और खुले स्थानों पर कचरा जलाते हुए पाए गए। आयोग ने दिल्ली नगर निगम सहित संबंधित एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई करने और रात में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीएक्यूएम के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

हवा में घुला जहर, दमघोंटू हुई फिजा
राजधानी में लगातार चार दिन से बेहद खराब श्रेणी में हवा बरकरार होने के बाद शनिवार को फिजा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शुक्रवार की तुलना में 46 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 394 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, नोएडा में 363, गुरुग्राम में 360 और ग्रेटर नोएडा में 332 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 253 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है।


दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 12.46 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 7.81, आवासीय इलाकों से 3.30, निर्माण गतिविधियों से 1.50 और कूड़ा जलाने की 1.22 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शनिवार को हवा पूर्व दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 500 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 200 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम पांच बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 363.3 और पीएम2.5 की मात्रा 227.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।

कब-कब लागू होते हैं ग्रेप के नियम

  • 201 से 300 (खराब)- ग्रेप-1
  • 301-400 (बहुत खराब- ग्रेप-2
  • 401 से 450 (गंभीर)- ग्रेप-3
  • 450 से ऊपर (अति गंभीर)- ग्रेप- 4
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