दिल्ली: एम्स ट्रॉमा सेंटर शुरू, नए रोगियों को नहीं किया जा रहा भर्ती
डॉक्टरों का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर में भी आईसीयू और आपातकालीन सेवाएं शुरू की जाएं। इससे गंभीर मरीजों को सुविधा होगी और उनका इलाज सही से हो सकेगा। कोरोना के कारण लंबे समय से एम्स की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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एम्स ट्रॉमा सेंटर सोमवार से शुरू हो गया है, लेकिन विभिन्न हादसों में घायल नए मरीज ट्रॉमा सेंटर में भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। अभी एम्स के मुख्य अस्पताल में भर्ती ऐसे हादसा पीड़ितों को ट्रॉमा सेंटर में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिनकी हालत स्थिर बनी हुई है। ट्रॉमा के डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली में फिलहाल संक्रमण से स्थिति काबू में है। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर में आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं को शुरू किया जाना चाहिए। अभी सिर्फ कुछ बेड चालू किए गए हैं। इससे बाहर से आने वाले गंभीर मरीजों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
ट्रॉमा सेंटर के सभी वार्ड को एक साथ हादसा पीड़ितों के इलाज के लिए नहीं खोला गया है। ट्रॉमा सेंटर के एक हिस्से में कोरोना के इलाज की व्यवस्था जारी रखी गई है, जबकि सेंटर में संक्रमण के 10 से भी कम मरीज भर्ती हैं। ट्रॉमा सेंटर के एक डॉक्टर ने बताया कि अभी ट्रॉमा सेंटर में हादसा पीड़ितों के इलाज के लिए सामान्य वार्ड ही शुरू किया गया है, यहां गंभीर मरीजों को दाखिला नहीं मिल रहा है। ऐसे में सेंटर को खोलने का कोई खास फायदा नजर नहीं आता।
इस मामले में एम्स प्रशासन का कहना है कि कोरोना की स्थिति पर नजर रखते हुए धीरे-धीरे चार वार्ड खोले जाएंगे। अगले सप्ताह ट्रॉमा सेंटर में ऑपरेशन थियेटर भी शुरू कर दिए जाएंगे। सीमित संख्या में कम गंभीर हादसा पीड़ितों की सर्जरी भी शुरू कर दी जाएगी।
तीसरी लहर आई तो फिर होगा बदलाव
इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आई तो ट्रॉमा सेंटर का दोबारा तुरंत कोविड अस्पताल के रूप में संचालन शुरू कर दिया जाएगा। पिछले साल कोरोना का संक्रमण शुरू होने पर ट्रॉमा सेंटर को कोविड अस्पताल बना दिया गया था।