दिल्ली एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर काम पर लौटे, सांकेतिक विरोध जारी, हेलमेट लगाकर देख रहे मरीज
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पश्चिम बंगाल की घटना को लेकर देशभर का चिकित्सीय वर्ग विरोध में खड़ा हो चुका है। वहीं एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल शनिवार को वापस ले ली है। इसकी जानकारी खुद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, एम्स के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह मल्ही ने दी।
अमरिंदर सिंह के अनुसार सभी रेजिडेंट डॉक्टर अपने काम पर वापस लौट रहे हैं, लेकिन हम सांकेतिक रूप से बंगाल में हुई घटना का विरोध करते रहेंगे। इसके लिए हम काली पट्टी और हेलमेट पहनकर काम करेंगे। अगर हालात नहीं सुधरे तो हम फिर से 17 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं काम पर लौटने के बाद डॉक्टरों का सांकेतिक विरोध जारी है। डॉक्टर्स हेलमेट लगाकर मरीजों को देख रहे हैं।
Delhi: Resident doctor at All India Institute of Medical Sciences continues with symbolic protest by wearing helmet. #DoctorsProtest pic.twitter.com/pTvkkS1MgR
— ANI (@ANI) June 15, 2019
इससे पहले शनिवार सुबह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टरों के एक दल से मिले और उनसे बातचीत की।
Delhi: Indian Medical Association (IMA) delegation meets Union Health Minister Dr Harsh Vardhan over the ongoing strike of doctors in West Bengal. pic.twitter.com/0GDIcaDHQs
— ANI (@ANI) June 15, 2019
वहीं शनिवार सुबह एम्स के ही रेजिडेंट डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि, वह बंगाल केे डॉक्टरों की मांगे पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। हालांकि एसोसिएशन ने बाद में अपना विचार बदल लिया और हड़ताल खत्म कर दी।
Resident Doctors Association, AIIMS: We issue an ultimatum of 48 hours to West Bengal Govt to meet demands of the striking doctors there, failing which we would be forced to resort to indefinite strike at AIIMS. #Delhi
— ANI (@ANI) June 15, 2019