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Delhi AIIMS: घर बैठे इलाज करा सकेंगे कैंसर के मरीज, एप की मदद से पैलिएटिव केयर की मिलेगी सुविधा
Mon, 30 Jan 2023 04:46 AM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Mon, 30 Jan 2023 04:46 AM IST
सार
पैलिएटिव केयर नाम से तैयार किए गए एप की मदद से पैलिएटिव केयर की सुविधा मिलेगी। कैंसर के मरीज घर बैठे ही एप में लक्षण लिख सकते हैं। इस जानकारी को डॉक्टर देखकर परामर्श देंगे।
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एम्स दिल्ली
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
एम्स में इलाज करवा रहे कैंसर के मरीजों को घर बैठे सुविधा मिलेगी। एम्स ने पहले से पंजीकृत मरीजों के इलाज के लिए एप तैयार किया है।
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पैलिएटिव केयर नाम से तैयार किए गए एप की मदद से पैलिएटिव केयर की सुविधा मिलेगी। कैंसर के मरीज घर बैठे ही एप में लक्षण लिख सकते हैं। इस जानकारी को डॉक्टर देखकर परामर्श देंगे। इस संबंध में एम्स के ओनको एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर प्रोफेसर राकेश गर्ग का कहना है कि कई कैंसर के मरीज फॉलोअप में ऐसी समस्या लेकर अस्पताल में दिखाने आते हैं जिन्हें हम उन्हें घर बैठे ही एप के जरिए परामर्श कर सकते हैं।
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ऐसे मरीजों को बेवजह अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर हमें लगता है कि मरीज को अस्पताल बुलाना है तो उसी समय तय कर अस्पताल आने के लिए भी कह सकते हैं। एप की मदद से मरीज के फोन पर दवाई खाने का संदेश भी भेजा जाता है, ताकि दवा छूट न जाए और उपचार प्रभावित न हो सके।
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कोरोना वैक्सीनेशन की तर्ज पर लगेगा खसरे का टीका
राजधानी को खसरा मुक्त बनाने के लिए 6 फरवरी से कोरोना वैक्सीनेशन की तर्ज पर खसरे का टीकाकारण किया जाएगा। इसे लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पांच साल के 11 लाख बच्चों को टीके की तीसरी खुराक चार से छह सप्ताह में देने का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों को एमआर (मीजल्स रुबेला) टीके की तीसरी डोज देने के लिए करीब 600 स्थायी सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, धार्मिक स्थल, आरडब्ल्यूए की मदद से कॉलोनी में शिविर लगाकर भी पांच साल के बच्चों को खुराक दी जाएगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिलाधिकारी भी सहयोग करेंगे। कोरोना महामारी के दौरान आसानी से बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण किया गया था। इसे देखते हुए फिर से सभी के सहयोग से इस टीकाकरण को किया जाएगा। खसरा व रुबेला की बीमारी से बचाव के लिए बच्चों को टीके की दो डोज दी जाती है। इसके तहत नौ माह की उम्र में एमआर टीके की डोज लगाई जाती है। इसके बाद 15 माह की उम्र में एमएमआर (मीजल्स मंप्स रुबेला) टीका दिया जाता है।
राजधानी को खसरा मुक्त बनाने के लिए 6 फरवरी से कोरोना वैक्सीनेशन की तर्ज पर खसरे का टीकाकारण किया जाएगा। इसे लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पांच साल के 11 लाख बच्चों को टीके की तीसरी खुराक चार से छह सप्ताह में देने का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों को एमआर (मीजल्स रुबेला) टीके की तीसरी डोज देने के लिए करीब 600 स्थायी सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, धार्मिक स्थल, आरडब्ल्यूए की मदद से कॉलोनी में शिविर लगाकर भी पांच साल के बच्चों को खुराक दी जाएगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जिलाधिकारी भी सहयोग करेंगे। कोरोना महामारी के दौरान आसानी से बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण किया गया था। इसे देखते हुए फिर से सभी के सहयोग से इस टीकाकरण को किया जाएगा। खसरा व रुबेला की बीमारी से बचाव के लिए बच्चों को टीके की दो डोज दी जाती है। इसके तहत नौ माह की उम्र में एमआर टीके की डोज लगाई जाती है। इसके बाद 15 माह की उम्र में एमएमआर (मीजल्स मंप्स रुबेला) टीका दिया जाता है।