कब तक घुटता रहेगा दम: फिर गैस चैंबर बनी दिल्ली, AQI पहुंचा 447; NCR में नोएडा की वायु रही सबसे प्रदूषित
Delhi Air Pollution: सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में नोएडा का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 456 रहा, यह गंभीर श्रेणी है। ग्रेटर नोएडा में 421, फरीदाबाद में 398, गाजियाबाद में 392 व गुरुग्राम में 364 एक्यूआई दर्ज किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मौसम और हवाओं की दिशा बदलने से राजधानी एक बार फिर से गैस चैंबर बन गई है। हवा की गति कम होने से स्मॉग की मोटी चादर छाई रही। रविवार सुबह से ही धुंध के साथ घना कोहरा के देखने को मिला। दोपहर में भी हल्की धूप खिली रही। रात में यह स्थिति और बिगड़ गई। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने परेशानी शुरू हो गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 447 दर्ज किया गया, जोकि बेहद खराब श्रेणी है। यह शनिवार के मुकाबले 48 सूचकांक अधिक है। अधिकतर इलाकों में एक्यूआई अति गंभीर श्रेणी में रहा। तीन इलाकों में हवा बेहद खराब रही। दिल्ली की हवा समग्र रूप से गंभीर श्रेणी में बनी रही। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार तक यही स्थिति बनी रहेगी।
डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज इलाका रहा सर्वाधिक प्रदूषित
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक अधिकतर इलाकों में हवा बेहद गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 493 सबसे ज्यादा एक्यूआई रहा। आरके पुरम में 488, नेहरू नगर में 487, द्वारका सेक्टर -8 में 483, पटपड़गंज व पूसा में 480, न्यू मोती बाग में 475 व आईजीआई एयरपोर्ट में 469 सूचकांक दर्ज किया गया। तीन इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। बुराड़ी क्रॉसिंग में 400, बवाना में 394, दिलशाद गार्डन में 341 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में रही।
नोएडा की हवा रही सबसे अधिक प्रदूषित
सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में नोएडा का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 456 रहा, यह गंभीर श्रेणी है। ग्रेटर नोएडा में 421, फरीदाबाद में 398, गाजियाबाद में 392 व गुरुग्राम में 364 एक्यूआई दर्ज किया गया।
तापमान कम होने से बढ़ रही है प्रदूषण की समस्या : गोपाल राय
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बढ़ते प्रदूषण की वजह तापमान में आ रही लगातार गिरावट को बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह तेजी के साथ तापमान गिर रहा है। इससे प्रदूषण के कण जमकर नीचे आ गए हैं। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले जब धूप और हवा थी, तब प्रदूषण का स्तर काफी कम हो गया था। लेकिन, शनिवार से जिस तरह से धूप ही नहीं थी और हवा की गति रुकी है , उसका एक तात्कालिक असर दिख रहा है।