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शातिर: पहले की मां की हत्या, फिर दृश्यम फिल्म देख बना डाली गवाह बेटे को फंसाने की बनाई योजना
Tue, 06 Jul 2021 02:13 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 06 Jul 2021 02:13 PM IST
सार
आरोपी ने पीड़ित परिवार को उल्टा फंसाने का प्रयास किया इसके लिए उसने दृश्यम फिल्म देखी और अपने भाइयों के साथ पूरी योजना बनाई...
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सिविल लाइन्स थाने ने पकड़ा आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में दृश्यम फिल्म देखकर अमरपाल नामक एक शख्स ने अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए खुद पर गोली चलवा ली। वारदात में उसने अपने भाई, कजिन व उसके साले को शामिल किया। लेकिन पुलिस की जांच में इस पूरे नाटक से पर्दा उठ गया।
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पुलिस ने आरोपी के कजिन को गिरफ्तार कर लिया। इसकी पहचान अनिल के रूप में हुई है। फिलहाल अमरपाल का भाई गुड्डू और अनिल का साला मनीष फरार हैं। दरअसल अमरपाल पड़ोसी की मां की हत्या के आरोप में जेल में बंद था।
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2019 में झगड़े के बाद अमरपाल व उसके परिजनों ने महिला की हत्या कर दी थी। इस मामले में अमरपाल की मां समेत कुल लोग जेल में बंद थे। एक माह पूर्व ही जेल से बाहर आने के बाद उसने पड़ोसी को फंसाने की योजना बनाई थी।
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उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि 29 जून को सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता अमरपाल ने बताया कि वह मजनू का टीला इलाके में रात को टहल रहा था। इसी दौरान पड़ोसी ओमबीर और उसके लड़कों ने उसे गोली मारकर हत्या का प्रयास किया।
पहले दिन ही पुलिस को अमरपाल पर शक हुआ। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि अमरपाल हत्या के मामले में मई में ही पैरोल पर जेल से बाहर आया है। अमरपाल, उसकी मां व तीन अन्य लोगों पर पड़ोसी ओमबीर की मां की तलवार से वारकर हत्या का आरोप है।
इसी कड़ी में जांच करते हुए पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से अमरपाल के कजिन अनिल को पकड़ लिया। उसने हकीकत का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि अमरपाल गवाहों को तोड़ने और परिवार को जेल से निकालने के लिए ही जेल से पैरोल पर आया था।
पहले उसने इस मामले के गवाहों को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। इसके बाद उसने दृश्यम फिल्म देखकर ओमवीर के परिवार को फंसाने की योजना बनाई। इसमें उसने अपने भाई गुड्डू, कजिन अनिल व अनिल के साले मनीष को शामिल किया। कई दिनों तक इसकी योजना बनती रही।
खैबर बाईपास पर अमरपाल ने अपने दोस्तों में झूठी अफवाह फैलाई की ओमवीर व उसके लड़के बदला लेने के लिए उसका पीछा करते हैं। झूठ फैलाने के बाद 29 जून को अनिल, गुड्डू और मनीष खैबर बाईपास के पास अंधेरे स्थान पर पहुंचे।
वहां अमरपाल के कहने पर छर्रे वाले कारतूस से उस पर गोली चलाई गई। वारदात के बाद घायल अमरपाल अपने दोस्तों के पास पहुंचा और उसने ओमवीर का नाम लिया। अमरपाल अभी भी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। वारदात में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
इसी कड़ी में जांच करते हुए पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से अमरपाल के कजिन अनिल को पकड़ लिया। उसने हकीकत का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि अमरपाल गवाहों को तोड़ने और परिवार को जेल से निकालने के लिए ही जेल से पैरोल पर आया था।
पहले उसने इस मामले के गवाहों को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। इसके बाद उसने दृश्यम फिल्म देखकर ओमवीर के परिवार को फंसाने की योजना बनाई। इसमें उसने अपने भाई गुड्डू, कजिन अनिल व अनिल के साले मनीष को शामिल किया। कई दिनों तक इसकी योजना बनती रही।
खैबर बाईपास पर अमरपाल ने अपने दोस्तों में झूठी अफवाह फैलाई की ओमवीर व उसके लड़के बदला लेने के लिए उसका पीछा करते हैं। झूठ फैलाने के बाद 29 जून को अनिल, गुड्डू और मनीष खैबर बाईपास के पास अंधेरे स्थान पर पहुंचे।
वहां अमरपाल के कहने पर छर्रे वाले कारतूस से उस पर गोली चलाई गई। वारदात के बाद घायल अमरपाल अपने दोस्तों के पास पहुंचा और उसने ओमवीर का नाम लिया। अमरपाल अभी भी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। वारदात में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।