एंटी करप्शन ब्यूरो करेगी दिल्ली के प्याज घोटाले की जांच
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कथित प्याज घोटाले में घिरी दिल्ली सरकार एक नई मुसीबत में फंसती नजर आ रही है। एलजी नजीब जंग द्वारा नियुक्त दिल्ली के एंटी करप्शन ब्यूरो प्रमुख मुकेश कुमार मीणा ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।
प्याज घोटाले की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति बनाए जाने पर मीणा ने कहा कि जांच में अगर कोई साक्ष्य सामने आता है तो आगे कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि बीजेपी नेता और आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग ने एक आरटीआई के माध्यम से प्याज खरीद में हुई गड़बड़ी का दावा किया था।
गर्ग का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने नासिक से 16 रुपये प्रति किलो के भाव से प्याज खरीदी और इसे दिल्ली की जनता को 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा। यह भी दावा किया गया कि दिल्ली सरकार इस पर 10 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी भी दे रही है।
जांच आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि एसीबी मोदी सरकार के अधीन काम कर रही है, इसलिए वो इस तथाकथित प्याज घोटाले की जांच करेगी ही। हम किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार रहे हैं।
आप सरकार ने चैनल पर लगाया था आरोप
कथित प्याज घोटाले के सामने आने के बाद दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकारी खरीद का कागज ट्वीट कर बताया कि दिल्ली सरकार ने प्याज नासिक से नहीं बल्कि, एसएफएसी से खरीदा था।
मनीष सिसोदिया ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सरकार ने केंद्र सरकार की संस्था एसएफएसी के माध्यम से 32 रुपये प्रति किलो के भाव से प्याज खरीदा और परिवहन व अन्य खर्चे जोड़ने के बाद सरकार को यह प्याज 40 प्रति किलो की पड़ी।
इसके बाद दिल्ली सरकार ने इस प्याज पर 10 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी के साथ इसे दिल्ली की जनता को 30 रुपये के भाव पर बेचा।
मनीष सिसोदिया ने इस मामले को अनावश्यक तूल देने के लिए एक मीडिया संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं अगले दिन आप सरकार ने सभी अखबारों में इस मीडिया संस्थान के खिलाफ पूरे पेज का एड भी जारी किया।