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Delhi: 60 हजार अस्थाई कर्मचारियों की नौकरी पर लटकी तलवार, दिल्ली सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की तैयारी

Wed, 28 Jun 2023 06:48 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 28 Jun 2023 06:48 PM IST
सार

Delhi: कर्मचारियों ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि उन्हें समय रहते पक्का किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर दूसरे सेक्टर में समायोजित किया जाए। ऐसा न करने पर कर्मचारियों ने बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है... 

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Delhi: 60 thousand temporary employees warned Delhi government for permanent job
अस्थाई कर्मचारी अपनी मांगों को रखते हुए। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली सरकार ने चुनाव के समय ठेके पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था। लेकिन अभी तक इन कर्मचारियों को पक्का नहीं किया गया है। नई-नई तकनीक के आने से इन कर्मचारियों की आवश्यकता भी समाप्त होती जा रही है, ऐसे में उनकी नौकरी जाने का खतरा भी पैदा हो गया है। कर्मचारियों ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि उन्हें समय रहते पक्का किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर दूसरे सेक्टर में समायोजित किया जाए। ऐसा न करने पर कर्मचारियों ने बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है।  

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ठेकेदारी हटाओ राष्ट्रीय सयुंक्त मोर्चा के बैनर तले दिल्ली पावर सेक्टर के कच्चे कर्मचारियों ने दिल्ली सरकार से मांग की कि उन्हें पक्की नौकरी पर रखा जाए। कर्मचारियों ने दिल्ली सरकार पर वादा खिलाफ़ी का आरोप लगाया और कहा कि केजरीवाल सरकार ने अपने तीन चुनावी घोषणा पत्र में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन नौ साल बीत जाने के बाद भी वह अपने वादे को पूरा नही किया।

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अब काम मिलना ही मुश्किल हुआ

मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव हाफ़िज़ गुलाम सरवर ने कहा कि ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को पक्का करना तो दूर की बात है, अब कच्चे कर्मचारियों की नौकरियों पर भी तलवार लटकी हुई है। स्मार्ट मीटर जैसी तकनीक के आने से ठेके के कर्मचारियों की आवश्यकता ही समाप्त हो जाएगी और ठेके में तय कार्यकाल के बाद उन्हें काम पर नहीं रखा जाएगा। उनकी मांग है कि नई तकनीक आने के बाद भी उन्हें दूसरे सेक्टरों में काम दिया जाए।

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दूसरे सेक्टर में भी यही हाल

यह मामला केवल पॉवर सेक्टर का ही नहीं है। दिल्ली जल बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग में भी कच्चे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। एक अनुमान है कि सभी क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 60 हजार अस्थाई कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार लटकी हुई है। मोर्चा ने इन सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का कराने के लिए संघर्ष करने का एलान किया है। आगामी 27 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास का घेराव कर कर्मचारी अपनी मांगों को मानने के लिए सरकार को बाध्य करने की योजना बना रहे हैं।

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