{"_id":"5f64d6b78ebc3e2eda161606","slug":"delhi-3-kg-tumor-removed-from-37year-old-man-face-reconstruction-of-face-and-neck-with-chest-and-right-thigh-skin","type":"story","status":"publish","title_hn":"37 वर्षीय आदमी के चेहरे से निकला 3 किलो का ट्यूमर, सीने और दाहिनी जांघ की त्वचा से किया चेहरे और गर्दन का पुनर्निमाण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
37 वर्षीय आदमी के चेहरे से निकला 3 किलो का ट्यूमर, सीने और दाहिनी जांघ की त्वचा से किया चेहरे और गर्दन का पुनर्निमाण
Fri, 18 Sep 2020 09:18 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 18 Sep 2020 09:18 PM IST
विज्ञापन
37 वर्षीय व्यक्ति के चहरे से निकला तीन किलो का ट्यूमर
- फोटो : अमर उजाला
37 वर्षीय आदमी के चेहरे से 3 किलो का ट्यूमर निकाला गया। यह ट्यूमर एक व्यस्क मानव के सिर के आकार जितना बड़ा था। इस सर्जरी को पूरा होने में लगभग 11 घंटों का समय लगा, जिसके लिए मरीज के जबड़े और गालों की हड्डी को निकालना पड़ा। चेहरे के कार्यों और सुंदरता को बरकरार रखने के लिए पुनर्निमाण सर्जरी भी की गई है।
विज्ञापन
ट्यूमर के आकार को कम करने के लिए मरीज को सर्जरी से पहले 3 हफ्तों में 2 कीमोथेरेपी से गुजरना पड़ा। चूंकि, कीमोथेरेपी का ट्यूमर पर शायद ही कोई प्रभाव पड़ रहा था इसलिए इसके अन्य अंगो में फैलने की संभावना ज्यादा थी। कोविड महामारी के कारण सर्जरी का समय भी चुनौतीपूर्ण था। रोगी का ऑपरेशन किया गया और सर्जनों ने कैंसरस ट्यूमर को एक बार में ही निकाल दिया जिसका वजन कुल 3 किलो और गहराई 8 सेंटिमीटर थी।
विज्ञापन
37 वर्षीय महेंदर (बदला हुआ नाम), सालों से तम्बाकू का सेवन करता आ रहा था। उसे अस्पताल में चहरे में एक विशाल ट्यूमर के साथ भर्ती किया गया था। यह ट्यूमर चेहरे के बाईं ओर पूरी तरह फैल चुका था। कैंसर ट्यूमर मरीज के चेहरे की बाईं ओर लटका हुआ था, जिससे न सिर्फ अत्यधिक खून बह रहा था बल्कि उसमें मृत कोशिकाओं का थक्का भी बन चुका था। ट्यूमर का आकार इतना बड़ा होने के कारण महेंदर को अपना मुंह खोलने में, खाना खाने और यहां तक कि सिर को घुमाने में भी अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। शरीर में पोषण की कमी के कारण पिछले कुछ महिनों में उसका वजन भी कम हो गया था।
विज्ञापन
शालीमार बाग स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सर्जिकल ऑनकोलॉजी सलाहकार, डॉक्टर सौरभ गुप्ता ने बताया कि इस साल की शुरुआत में मरीज को बीमारी के लक्षण नजर आने लगे थे। मरीज सौभाग्यशाली था कि ट्यूमर का आकार इतना बड़ा होने के बावजूद वह अन्य अंगो तक नहीं फैला था।
वैशाली स्थित, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के ऑनकोलॉजी रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के एसोसिएट निदेशक, डॉक्टर विपिन बठवाल ने बताया कि मरीज के चेहरे और गर्दन के पुनर्निमाण के लिए हमने उसकी बाईं ओर के सीने और दाहिनी जांघ की त्वचा और मांसपेशियों का इस्तेमाल किया। फिर पूरी सावधानी के साथ उसके चेहरे की आकृति को तैयार किया जिससे सर्जरी के बाद उसका चेहरा सामान्य दिखे और हावभाव में भी कोई समस्या न हो।