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क्राइम पेट्रोल देख सेंधमारी: ओड़िया समाज कार्यालय से 25 लाख चोरी; पहले नवरात्र पर वारदात... दशहरे पर गिरफ्तार
Sun, 05 Oct 2025 06:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 05 Oct 2025 06:57 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दक्षिण-पश्चिमी जिले की सरोजनी नगर थाना इलाके में क्राइम पेट्रोल देखकर दो आरोपियों ने वारदात की साजिश रची। उन्होंने आरके पुरम स्थित ओड़िया समाज ट्रस्ट कार्यालय से 25 लाख रुपये चुरा लिए। पुलिस से बचने के लिए दो जोड़े कपड़े, मास्क, टोपी व गमछा डालकर वारदात को अंजाम दिया। सरोजनी थाना ने पहले नवरात्रे को हुई इस वारदात को दहशरे वाले दिन सुलझाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से चुराई गई रकम में से 23.50 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
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दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से पकड़े गए दोनों आरोपियों राजेंद्र कुमार और राजेश कुमार के पास से 23.50 लाख और कार्यालय की अलमारी काटने में इस्तेमाल की गई एक कटर मशीन बरामद की गई है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 23 सितंबर को ओडिया समाज ट्रस्ट के कार्यालय में चोरी होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां ओडिया समाज ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एसएमएस दास की बेटी जेआर दास मिलीं। सरोजनी नगर थानाध्यक्ष अतुल त्यागी की टीम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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टीम ने 11 दिनों में 40 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। कई सीसीटीवी फुटेज की जांच की। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के दौरान टीम ने एनजीओ कार्यालय में प्रवेश करते और बाद में ऑटो-रिक्शा में निकलते समय भेष बदलते (टोपी, गर्दन पर तौलिया और दस्ताने पहने) दो संदिग्ध दिखे। पुलिस टीम ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से चालक तक जा पहुंची। चालक ने बताया कि उसने दोनों संदिग्धों को नेताजी नगर में छोड़ा था। पुलिस टीम ने नेताजी नगर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया तो एक आरोपी राजेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। राजेन्द्र ने सख्ती से पूछताछ करने पर जुर्म कबूल कर लिया। जिसके बाद उसके दूसरे साथी को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर चोरी की रकम बरामद कर ली गई।
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एनजीओ में चालक है मुख्य आरोपी
पुलिस की जांच में सामने आया कि वारदात का मुख्य आरोपी राजेन्द्र कुमार एनजीओ में चालक का काम करता है। इस कारण उसे वहां पैसे होने की जानकारी थी। उसने बताया कि वह क्राइम पेट्रोल देखता है, जिससे उसे वारदात के बाद पुलिस से बचने के तरीके पता थे। ऐसे में उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस से बचने को दो जोड़ी कपड़े पहनकर गया था
आरोपी राजेंद्र पुलिस से बचने के लिए कार्यालय में दो जोड़ी कपड़े पहनकर गया। उसे क्राइम पेट्रोल देखकर पता लग गया था कि कैसे पुलिस से बचें। उसने सोचा कि अगर पुलिस की उस पर नजर पड़ गई तो वह ऊपर के पहने हुए कपड़े उतारकर पुलिस को गुमराह कर देगा।