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नौ हजार फ्लैटों के खरीदारों पर छाया गहरा संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 20 Nov 2015 04:12 PM IST
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नोएडा के करीब 8841 फ्लैटों और 630 दुकानों पर सीलिंग की तलवार लटक गई है। नोएडा प्राधिकरण से कंपलीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद रजिस्ट्री न कराने पर स्टांप विभाग की तरफ से 11 बिल्डरों को नोटिस जारी करके एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद सील करने और बिजली कनेक्शन काटने की भी चेतावनी दी गई है।
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दरअसल, ओखला पक्षी विहार प्रकरण सुलझने के बाद बिल्डरों ने नोएडा प्राधिकरण से कंपलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया और रजिस्ट्री कराए बिना ही खरीदारों को रहने के लिए फ्लैट दे दिया। कुछ बिल्डरों ने एनजीटी में प्रकरण लंबित होने के दौरान ही कब्जा दे दिया। कई सोसायटी में एक से डेढ़ साल से खरीदार रह रहे हैं।
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रजिस्ट्री विभाग ने कई बार बिल्डरों से संपर्क साधा तो वे हर बार जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दे रहे थे। रजिस्ट्री के बिना ही फ्लैटों में पजेशन देने की जानकारी महानिरीक्षक निबंधन को मिल गई। इसके बाद तत्काल आदेश जारी किया गया कि जिन बिल्डरों ने प्राधिकरण से कंपलीशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई है और कब्जा दे दिया है। उन्हें तत्काल नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए।
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रजिस्ट्री विभाग ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि अगर एक सप्ताह में रजिस्ट्री नहीं कराई तो प्रोजेक्ट को सील किया जाएगा। साथ ही, जिला प्रशासन की मदद से बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे। विभाग का यह भी कहना है कि अगर किसी कारणवश रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे तो तय समयसीमा के भीतर फ्लैट आवंटियों की सूची दें, ताकि मुकदमा दर्ज किया जा सके।
यूपी अपार्टमेंट (प्रमोशन ऑफ कंस्ट्रक्शन ऑनरशिप एंड मेनटेनेंस) एक्ट 2010 की धारा 13 के अनुसार कोई भी बिल्डर रजिस्ट्री कराए बिना अपार्टमेंट को खरीदारों को हस्तांतरित नहीं कर सकता। नोएडा के कई बिल्डरों ने बिना रजिस्ट्री कराए पजेशन दे दिया है। इसकी जानकारी प्राधिकरण को भी है।
प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग सेल के अधिकारियों का कहना है कि खरीदारों को किराये से बचाने के लिए बिल्डर पजेशन दे रहे हैं। इस कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। हालांकि, वे भी इसके कानूनन गलत होने की बात मान रहे हैं।
रजिस्ट्री विभाग ने दो प्रमुख व्यावसायिक संपत्तियों को भी नोटिस भेजकर सप्ताह भर में रजिस्ट्री और किरायानामा दर्ज कराने को कहा है। सेक्टर-18 और 38ए में नवनिर्मित मॉल की करीब 630 दुकानें पंजीकृत होनी हैं।