फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   death sentance to delhi gangrape convicts

16 दिसंबर गैंगरेप: हाईकोर्ट ने बरकरार रखी फांसी की सजा

Thu, 13 Mar 2014 03:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 13 Mar 2014 03:59 PM IST
विज्ञापन
death sentance to delhi gangrape convicts

दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 दिसम्बर गैंगरेप मामले के चारों दोषियों की मौत की सजा बरकरार रखी है।

विज्ञापन


जस्टिस रेवा खेत्रपाल और जस्टिस प्रतिभा रानी की बेंच ने दोषियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते गुरुवार को उसे खारिज कर दिया।

इस केस की चार्जशीट पिछले साल 3 जनवरी को साकेत फास्ट ट्रैक कोर्ट में दाखिल की गई थी। जहां चारों आरोपियों को फांसी की सजा दी गई थी।

मुख्य आरोपी ने तिहाड़ में की थी आत्महत्या

death sentance to delhi gangrape convicts

साकेत फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए चार दोषियों 13 सितंबर 2013 को मुकेश (26), अक्षय (28), पवन (19) और विनय (20) को मौत की सजा सुनाई थी।

जबकि मामले के मुख्य आरोपी बस ड्राइवर राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी। वहीं नाबालिग को जुवेनाइल कोर्ट ने 31 अगस्त 2013 को फैसला सुनाते हुए तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया है। जोकि किसी भी नाबालिग के लिए अधिकतम सजा है।

बता दें कि 16 दिसम्बर 2012 को दिल्ली में मेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में छह लोगों ने गैंगरेप किया था जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सिंगापुर में हुई थी दामिनी की मौत

death sentance to delhi gangrape convicts

दुष्कर्म के बाद दोषियों ने पैरामेडिकल छात्रा और उसके दोस्त को फटे कपड़ों में चलती बस से सड़क किनारे फेंक दिया और फरार हो गए थे।

दोषियों ने दुष्कर्म के बाद लड़की के शरीर में लोहे की रॉड डाल दी थी जिससे उसकी आंत खराब हो गई थी।

कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 29 दिसम्बर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ हॉ‌‌स्पिटल में उसकी मौत हो गई थी, जहां उसे इलाज के लिए ले जाया गया था।

विज्ञापन

पूरे देश में उठी थी फांसी की मांग

death sentance to delhi gangrape convicts

दामिनी से चलती बस में दरिंदगी करने वालों को फांसी के सजा देने की मांग पूरे देश में उठी थी। इसके लिए दिल्ली के इंडिया गेट से लेकर देश के कोने-कोने में आंदोलन भी शुरू हुए थे।

लोगों के गुस्से को देखते हुए केंद्र सरकार ने रेप के कानून में बदलाव करते हुए रेयर ऑफ द रेयरेस्ट केस में दोषी को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया था।

इस केस में नाबालिग आरोपी को भी फांसी की सजा देने की मांग जोरों से उठी थी लेकिन कोर्ट ने उसे तीन साल जेल की सजा ही दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed