मंदिर तोड़ने पहुंची टीम पर पथराव, हिंदू-मुस्लिम ने मिलकर रोका
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर के प्रियदर्शिनी विहार में करीब 30 साल पुराने मंदिर को तोड़ने आए डीडीए दस्ते व पुलिस को स्थानीय लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा। गुस्साए लोगों ने उनपर पत्थरबाजी करने के साथ ही रास्ता भी बंद कर दिया।
इसके साथ ही गुस्साई भीड़ ने विकास मार्ग पर डीटीसी की दस बसों को तोड़ा और डीडीए के दो जेसीबी भी गुस्साई भीड़ का शिकार हो गए।
डीडीए को यह काम 8 सितंबर तक करने का निर्देश दिया है। इसी के चलते कोर्ट का आदेश मिलने के बाद वहां पहुंची डीडीए टीम ने जब अपना काम शुरू किया तो स्थानीय लोगों हरकत में आ गए और जमकर बवाल किया।
तनावपूर्ण है माहौल
गौरतलब है कि हाईकोर्ट का आदेश पाकर अपनी ड्यूटी कर रहे डीडीए कर्मियों ने जब लक्ष्मीनारायण मंदिर तोड़ना शुरू किया, तो स्थानीयों ने उनपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद मंदिर तोड़ने आई टीम को मजबूरन वहां से वापस लौटना पड़ा।
स्थानीय यहीं नहीं रूके उन्होंने अपना रोष जताते हुए कई डीटीसी बसों में भी तोड़फोड़ की और रास्ता भी बंद कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उग्र भीड़ को काबू में किया।
प्राप्त खबरों के अनुसार इस वक्त लक्ष्मी नगर नगर में माहौल तनावपूर्ण है लेकिन पुलिस की तैनाती के चलते किसी ताजा हिंसा की कोई खबर नहीं है। हालांकि इलाके की सभी दुकानें बंद हैं।
डीडीए टीम के खिलाफ दिखी हिंदू-मुसलिम एकता
बता दें कि लक्ष्मीनगर के जिस लक्ष्मीनारायण मंदिर को तोड़ने के लिए आज डीडीए की टीम पहुंची थी वो 27 साल पुराना है। साल 1987 में डीडीए को यह जमीन जिसपर मंदिर बना है, स्कूल खोलने के लिए मिली थी लेकिन वहां मंदिर बन गया।
स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट में मंदिर को ना गिराने की याचिका दी थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और डीडीए को आदेश दिया कि वो इस जगह को 8 सितंबर तक खाली करा ले।
इसी काम के लिए डीडीए की एक टीम यहां चार दिन पहले भी पहुंची थी लेकिन लोगों के विरोध के चलते नाकाम रही थी।
उसके बाद आज जब फिर से डीडीए की टीम मंदिर पहुंचकर तोड़फोड़ करने लगी तो स्थानी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और केवल हिंदु ही नहीं मुसलमान भी इस मंदिर की रक्षा के लिए आगे दिखे। सभी मिलकर इसके टूटने का विरोध कर रहे थे।