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डीडीए का घर लोगों को नहीं आ रहा पसंद
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 16 Mar 2015 10:46 AM IST
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दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) का भी घर अब लोगों को नहीं पसंद आ रहा है। हाउसिंग स्कीम लांच होने के बाद दिल्ली ही नहीं अन्य राज्यों में रहने वाले लोगों में भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिला, लेकिन अब डीडीए का घर देखकर इसे लेने में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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डीडीए के हाउसिंग स्कीम 2014 को लेकर तो काफी उत्साह दिखा, बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन भी किया, हजारों लोगों का नाम डीडीए के ड्रॉ में भी आया, लेकिन घर को देखते ही काफी लोग निराश भी हो गए। अभी तक तीन हजार से अधिक लोगों डीडीए को घर लेने से मना कर चुके हैं।
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दरअसल इसके पीछे सबसे बड़ा कारण रोहिणी स्थित फ्लैटों का छोटा होना, मूलभूत सुविधा का अभाव, नरेला स्थित फ्लैटों के समीप यातायात की सुविधा नहीं होना बताया जा रहा है। बता दें कि रोहिणी सेक्टर 34 व द्वारका इलाके में डीडीए ने एलआईजी के नाम पर वैसे घरों को आवंटित किया है जो आर्थिक रूप से कमजोर तबके लिए निर्धारित था।
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इसी तरह वहां यातायात का का भी कोई संसाधन अभी तक नहीं है। इतना ही नहीं 2010 के दौरान हाउसिंग स्कीम के तहत रोहिणी सेक्टर 28 व 29 में जिन लोगों को फ्लैट आवंटित किए गए वह अभी भी वहां मूलभूत सुविधा के अभाव में नहीं रह पा रहे हैं।
ऐसे में नए हाउसिंग स्कीम के सफल आवंटियों को भी यह भय सता रहा है कि जब पांच साल पहले वाले इलाके में ही बसावट अभी तक नहीं हो पाई है तो फिर नये फ्लैटों में मूलभूत सुविधा मिलने में तो और भी पांच साल का वक्त लग जाएगा।