केजरीवाल के पत्र पर डीडीए ने दिया करारा जवाब
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिखे गए उपराज्यपाल के नाम पत्र पर डीडीए ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीएम को डीडीए ने जवाबी पत्र भी भेजा है। जिसमें कहा गया है कि 26 अगस्त को महरौली स्थित शम्सी तालाब भूमि पर बनी करीब 21 झुग्गियों को गिराने की कार्रवाई की गई।
यह झुग्गी डीडीए की भूमि पर बनी हुई थीं। अनधिकृत झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई शांतिजनक रही। यह भी कहा कि बच्चे की मृत्यु निर्माण गिराने के कारण नहीं हुई।
डीडीए ने पत्र में यह भी कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हुआ है जो दक्षिण मध्य रिज का एक भाग है। रिज की भूमि की सुरक्षा के संबंध में रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों की ओर से कई शिकायत मिली थीं।
जिस स्थल से झुग्गियां हटाई गई थीं वह प्रतिबंधित क्षेत्र है
झुग्गियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) द्वितीय (संशोधन) अधिनियम, 2014 के प्रावधानों के तहत संरक्षित नहीं किया गया है। यह भूमि सरकारी भूमि का कस्टोडियन है और इस तरह की भूमि की सुरक्षा के लिए डीडीए कर्तव्यबद्ध है।
डीडीए ने यह भी कहा है कि शम्सी तालाब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित इमारत है। प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम, 1958 के अनुसार ऐसी संरक्षित इमारतों के 100 मीटर के अंदर का क्षेत्र प्रतिबंधित और 300 मीटर तक का क्षेत्र विनियमित होता है।
जिस स्थल से झुग्गियां हटाई गई थीं वह प्रतिबंधित क्षेत्र में आता है। यह क्षेत्र हरित क्षेत्र/वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना है। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारक हैं और इस क्षेत्र को पुरातात्विक पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के एलजी डीडीए के अध्यक्ष होते हैं।