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बहू को अपने ससुराल के घर में रहने का अधिकार : हाईकोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को अपने ससुराल के घर में रहने का अधिकार दिया है। अदालत ने कहा कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के उसे घर से निकाला नहीं जा सकता। यह मामला दिल्ली के ओल्ड गोबिंदपुरा एक्सटेंशन इलाके की एक संपत्ति से जुड़ा है, जहां बहू अपने पति और ससुराल वालों के साथ 2010 से रह रही थी। पति-पत्नी के बीच रिश्ते बिगड़ने के बाद 2011 से दोनों पक्षों में कानूनी लड़ाई चल रही थी। सास और दिवंगत ससुर ने अदालत में दावा किया कि यह घर उनकी निजी संपत्ति है। बहू का इस पर कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने बहू पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया और हर महीने 10 हजार रुपये किराया देने की मांग की। हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह घर साझा घर की परिभाषा में आता है। इसलिए बहू को यहां रहने का हक है।
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को अपने ससुराल के घर में रहने का अधिकार दिया है। अदालत ने कहा कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के उसे घर से निकाला नहीं जा सकता। यह मामला दिल्ली के ओल्ड गोबिंदपुरा एक्सटेंशन इलाके की एक संपत्ति से जुड़ा है, जहां बहू अपने पति और ससुराल वालों के साथ 2010 से रह रही थी। पति-पत्नी के बीच रिश्ते बिगड़ने के बाद 2011 से दोनों पक्षों में कानूनी लड़ाई चल रही थी। सास और दिवंगत ससुर ने अदालत में दावा किया कि यह घर उनकी निजी संपत्ति है। बहू का इस पर कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने बहू पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया और हर महीने 10 हजार रुपये किराया देने की मांग की। हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह घर साझा घर की परिभाषा में आता है। इसलिए बहू को यहां रहने का हक है।