दो भाईयों समेत मां की सिर काटकर कर दी थी हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो सगे भाइयों की मां समेत हत्या करने के आरोप में स्पेशल कोर्ट एससी/एसटी न्यायाधीश अरुण चंद्र श्रीवास्तव ने तीन सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने प्रत्येक पर एक लाख दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। एक फ्लैट के लालच में इस तिहरे हत्याकांड को मौसेरे भाइयों ने साथियों के साथ अंजाम दिया था।
सरकारी वकील राजीव कुमार ने बताया कि 11 फरवरी 2004 को मूलरूप से झारखंड के गिरिडीह निवासी दो भाई हरी, केशव और उनकी मां कालिया देवी के सिर कटे शव कूडे़ के ढेर में मिले थे। वे यहां शालीमार गार्डन में रहते थे।
सभी लोग सुखदेव गैंग के लिए काम करते थे
पुलिस ने हत्या के आरोप में हरी-केशव के मौसरे भाइयों पवन, विनोद, और द्वारिका के अलावा चंद्रदेव को गिरफ्तार किया था। मृतक और दोषी पक्ष सभी लोग सुखदेव गैंग के लिए काम करते थे।
मृतक सुखदेव के भाई और मां थी। चोरी-लूट की रकम के बंटवारे और शालीमार गार्डन के फ्लैट के विवाद में ये हत्याएं की गईं थीं। मामले का ट्रायल स्पेशल न्यायाधीश अरुण चंद्र श्रीवास्तव एससी/एसटी की कोर्ट में विचाराधीन था।
बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने चारों आरोपियों पवन, विनोद, द्वारिका और चंद्रदेव को फांसी की सजा सुनाई। इनमें पवन, विनोद और द्वारिका सगे भाई हैं।