दिल्ली में दिनदहाड़े गैंगवार, कुख्यात बदमाश काले की गोली मारकर हत्या
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बाहरी-उत्तरी दिल्ली का नरेला इलाका रविवार सुबह गोलियां की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। स्विफ्ट डिजायर कार सवार बदमाशों ने बीएसपी से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके वीरेंद्र मान उर्फ काले (47) की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।
पुलिस सूत्रों की मानें तो बदमाशों ने वीरेंद्र मान की हुंडई क्रेटा कार पर करीब 40 गोलियां चलाई। हमले के दौरान वीरेंद्र को 22 से 25 गोलियां लगी। वारदात के बाद बदमाश कार लेकर फरार हो गए। हमले में वीरेंद्र के कार चालक दिनेश ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। वारदात के बाद वीरेंद्र को सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। गोलीबारी की खबर मिलते ही तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस की मानें तो वीरेंद्र पर दिल्ली के विभिन्न थानों में 13 मामले दर्ज थे, इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली जैसे मामले शामिल हैं। शुरूआती जांच के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि गैंगवार में वीरेंद्र की हत्या की गई। पुलिस आपसी रंजिश, गैंगवार और रुपयों की लेन-देन समेत तमाम दृष्टिकोणों से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र मान परिवार के साथ दिल्ली के खेड़ा-खुर्द गांव इलाके में रहता था। इसके परिवार में मां, पत्नी, 13 साल का बेटा, एक भाई व उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं। रविवार सुबह वीरेंद्र अपनी सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार से किसी रिश्तेदार के यहां जाने के लिए घर से निकला था। वीरेंद्र के साथ उसका चालक दिनेश था। जैसे ही यह नरेला के लामपुर मोड़ के पास पहुंचा अचानक एक स्विफ्ट डिजायर कार सवार चार-पांच बदमाशों ने ओवरटेक कर इसकी कार को रोक लिया। इससे पहले कि वीरेंद्र कुछ समझ पाता बदमाशों ने उसकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दीं।
गोलियां चलते ही वीरेंद्र का चालक तो वहां से फरार हो गया। बदमाशों ने कार के पीछे और चालक की दूसरी ओर वाली साइड से करीब 40 गोलियां दाग दी। बाद में वह मौके से फरार हो गए। गोली चलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह कार से वीरेंद्र को निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। वीरेंद्र की गर्दन, पेट, हाथ, सीने और अन्य जगहों पर 22 से 25 गोलियां लगी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
उधर खबर मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस को घटना स्थल से करीब 35 खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस आसपास मौजूद लोगों के अलावा घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से मामले की छानबीन कर रही है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया है कि गोली चलाने के बाद बदमाश कार में सवार होकर नाहरपुर गांव की ओर भागे हैं।
पुलिस उसके आधार पर मामले की छानबीन कर रही है। वहीं वीरेंद्र ने बीएसपी के टिकट से एक बार विधानसभा और निगम पार्षद का चुनाव लड़ा था, लेकिन वह जीत नही पाया था। फिलहाल वह इलाके में लगे आम आदमी पार्टी के पोस्टरों में दिख रहा था। हालांकि आम आदमी पार्टी ने वीरेंद्र से अपना कोई संबंध होने की बात से इनकार किया है।
पुलिस गैंगवार, आपसी रंजिश और रुपयों की लेन-देन समेत अन्य दृष्टिकोणों से मामले की छानबीन कर रही है। संयुक्त आयुक्त मनीष अग्रवाल का कहना है कि जांच के बाद ही हत्या के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।