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नोटबंदी की वजह से नहीं दे सका 10 लाख रुपये, हनीट्रैप में फंसा था युवक

Tue, 20 Dec 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 20 Dec 2016 11:59 PM IST
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young man could not implicated Notbandi honey trap delhi crime news

हनीट्रैप से लोगों से जबरन वसूली करने के आरोप में दिल्ली पुलिस के एक सिपाही समेत छह लोगों को अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि पवन ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि वह ईएसआई अस्पताल में नौकरी करता है। पिछले कुछ दिनों से उसके मोबाइल पर एक युवती की कॉल आ रही थी।
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युवती उसे मिलने के लिए बुराड़ी स्थित अपने कमरे पर बुला रही थी। 17 नवंबर को वह युवती से मिलने बंगाली कॉलोनी, बुराड़ी पहुंच गया। कमरे में पहुंचकर उसने युवती से बात शुरू ही की थी कि एक अन्य युवक व युवती वहां पहुंच गए।
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युवक ने खुद को पुलिसकर्मी बताया, वहीं युवती ने खुद को रिपोर्टर बताकर उसे धमकाते हुए घर पर उसका राज खोलने की धमकी दी। खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले शख्स ने पवन को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

पवन से 25 लाख रुपये की मांग की गई। पवन ने दोस्तों व रिश्तेदारों से करीब 15 लाख रुपये का इंतजाम कराकर आरोपियों को दिए। उसके बाद पवन को छोड़ दिया गया, लेकिन उससे बाकी के दस लाख रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा गया।

बताया जा रहा है कि नोटबंदी के चलते वह 10 लाख का इंतजाम नहीं कर पाया। इसके बाद पवन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद मामला दर्ज कर लिया गया। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा ने भी जांच शुरू कर दी।

एसीपी संदीप लांबा और आशीष कुमार दुबे व अन्य की टीम ने जांच के बाद रीना नामक युवती की पहचान की। इसी बीच हवलदार शाहिर खान को सूचना मिली कि शाहजहांपुर, यूपी निवासी रीना उर्फ तबस्सुम अपनी बहन की शादी में शरीक होने ट्रेन से शाहजहांपुर यूपी जा रही है।

सूचना के बाद उसे 18 दिसंबर को दबोच लिया गया। उससे पूछताछ के बाद गांव फरमाना, सोनीपत, हरियाणा निवासी सिपाही प्रदीप (26), चंपावत, उत्तराखंड निवासी कृष्णा नंद भट्ट (48), बुराड़ी दिल्ली निवासी जीत (28), बुराड़ी निवासी निधि सिंह (27) और करावल नगर निवासी अंकिता अराधना शर्मा (25) को गिरफ्तार कर लिया गया।  

 

कौन हैं पकड़े गए आरोपी

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कृष्णा नंद भट्ट नामक आरोपी उत्तराखंड से ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली में अपना साप्ताहिक अखबार आदर्श भारत टाइम्स चलाता है। वहीं प्रदीप 2010 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ था। फिलहाल वह बुराड़ी थाने की पुलिस चौकी में तैनात है।

तबस्सुम दिल्ली में मजदूरी करती थी, कृष्णा नंद के संपर्क में आने के बाद वह जबरन वसूली के धंधे में शामिल हो गई। उसके खिलाफ केशवपुर थाने में पहले भी इसी तरह का मुकदमा दर्ज है। अंकिता दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट है, वह अपना संस्थान भी चलाती है।

रुपये कमाने के चक्कर वह भी जबरन वसूली के धंधे में शामिल हो गई। इधर, निधि सिंह कई बार रेड के समय रिपोर्टर बनकर जाती थी। बुराड़ी स्थित उसके कमरे पर ही शिकार को फंसाया जाता था। इसलिए उसे दो हिस्से मिलते थे। शिकार फंसाने वाले को 40 फीसदी हिस्सा मिलता था। 

मौसेरे साले को बनाया निशाना
बताया जा रहा है कि पीड़ित पवन आरोपी प्रदीप का सगा मौसरे साला है। उसे पता था कि वह रुपये दे सकता था। पवन के मामले में प्रदीप पकड़े जाने के डर से नकली रेड पर नहीं गया था। उसने 15 लाख में से अपना हिस्सा छह लाख रुपये रख लिया था।

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