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करवा चौथ पर ससुराल जाने से मना किया तो पत्नी ने दी जान
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:56 AM IST
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करवाचौथ पर पति ने ससुराल जाने से मना किया तो पत्नी ने आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त पति नाइट ड्यूटी पर था। मृतका और दो बेटे घर पर थे।
बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मकान मालिक को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने पति को सूचना दी। घर पहुंचकर पति ने शव को फंदे से उतारा।
पुलिस के मुताबिक, शाहजहांपुर के सिरौली निवासी अवध कुमार पत्नी संध्या ठाकुर और दो बेटों आदित्य (3 साल) और आकिल (8 माह) के साथ बम्हेटा में किराए पर रहते हैं।
चार साल पहले अवध की शादी फर्रूखाबाद निवासी संध्या ठाकुर (24) से हुई थी। अवध ने बताया कि उसके गांव में एक करीबी बीडीसी का चुनाव लड़ रहा है। बृहस्पतिवार को गांव में वोटिंग थी।
वोट डालने के लिए अवध के भाई ने कॉल कर उसे परिवार सहित बुधवार को गांव बुलाया था। इससे खुश हुई संध्या ने ससुराल में ही करवाचौथ मनाने का प्लान बनाया था।
पुलिस के मुताबिक गांव जाने के लिए अवध रुपयों का इंतजाम नहीं कर सका। बुधवार दोपहर उसने पत्नी संध्या को दिवाली पर ससुराल ले जाने का वादा किया। इससे संध्या गुस्सा हो गई, अवध पत्नी को समझाकर नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर चला गया।
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रात करीब आठ बजे मकान मालिक का फोन आने पर आत्महत्या का पता चला। बृहस्पतिवार तड़के करीब साढे़ तीन बजे कंट्रोल रूम में सुसाइड की सूचना मकान मालिक जिले यादव ने दी।
कविनगर पुलिस मौके पर पहुंची, संध्या के परिजनों क ो घटना की जानकारी दी। एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि संध्या के ताऊ अरविंद सिंह बम्हेटा पहुंचे। देर शाम तक तहरीर नहीं दी गई थी, पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला।
पहले अवध ने बचा ली थी संध्या की जान
करीब डेढ़ साल पहले भी संध्या ने कहासुनी होने पर फंदे पर लटककर सुसाइड करने की कोशिश की थी। इस दौरान अवध मौके पर पहुंच गया था, उसने समय रहते उसे बचा लिया था।
ननिहाल में रहेंगे बच्चे
सूचना के बाद लालकुआं पुलिस चौकी पहुंचे संध्या के ताऊ ने बताया कि वह आकिल और आदित्य को अपने पास रखेंगे। पुलिस से मांग की है कि बच्चों को उनको सौंपा जाए, ताकि उनकी अच्छी परवरिश हो सके।
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बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मकान मालिक को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने पति को सूचना दी। घर पहुंचकर पति ने शव को फंदे से उतारा।
पुलिस के मुताबिक, शाहजहांपुर के सिरौली निवासी अवध कुमार पत्नी संध्या ठाकुर और दो बेटों आदित्य (3 साल) और आकिल (8 माह) के साथ बम्हेटा में किराए पर रहते हैं।
चार साल पहले अवध की शादी फर्रूखाबाद निवासी संध्या ठाकुर (24) से हुई थी। अवध ने बताया कि उसके गांव में एक करीबी बीडीसी का चुनाव लड़ रहा है। बृहस्पतिवार को गांव में वोटिंग थी।
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वोट डालने के लिए अवध के भाई ने कॉल कर उसे परिवार सहित बुधवार को गांव बुलाया था। इससे खुश हुई संध्या ने ससुराल में ही करवाचौथ मनाने का प्लान बनाया था।
पुलिस के मुताबिक गांव जाने के लिए अवध रुपयों का इंतजाम नहीं कर सका। बुधवार दोपहर उसने पत्नी संध्या को दिवाली पर ससुराल ले जाने का वादा किया। इससे संध्या गुस्सा हो गई, अवध पत्नी को समझाकर नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर चला गया।
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रात करीब आठ बजे मकान मालिक का फोन आने पर आत्महत्या का पता चला। बृहस्पतिवार तड़के करीब साढे़ तीन बजे कंट्रोल रूम में सुसाइड की सूचना मकान मालिक जिले यादव ने दी।
कविनगर पुलिस मौके पर पहुंची, संध्या के परिजनों क ो घटना की जानकारी दी। एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि संध्या के ताऊ अरविंद सिंह बम्हेटा पहुंचे। देर शाम तक तहरीर नहीं दी गई थी, पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला।
पहले अवध ने बचा ली थी संध्या की जान
करीब डेढ़ साल पहले भी संध्या ने कहासुनी होने पर फंदे पर लटककर सुसाइड करने की कोशिश की थी। इस दौरान अवध मौके पर पहुंच गया था, उसने समय रहते उसे बचा लिया था।
ननिहाल में रहेंगे बच्चे
सूचना के बाद लालकुआं पुलिस चौकी पहुंचे संध्या के ताऊ ने बताया कि वह आकिल और आदित्य को अपने पास रखेंगे। पुलिस से मांग की है कि बच्चों को उनको सौंपा जाए, ताकि उनकी अच्छी परवरिश हो सके।