चार ने की मां-बेटी से दरिंदगी, बेटी की मौत
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दिल्ली के नरेला थाना क्षेत्र में सिर पर ईंट से हमला कर महिला की हत्या कर दी गई। हमले में उसकी मां बुरी तरह घायल हो गई। उसे लोक नायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रविवार सुबह घर के बाहर प्लॉट में शव अर्द्धनग्न हालत में बरामद किया गया। पास में ही मां भी अर्द्धनग्न अवस्था में मिली। आशंका जताई गई है कि गैंगरेप के बाद हत्या करने की नीयत से उन पर हमला किया गया।
हालांकि पुलिस ने रेप या गैंगरेप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
तीसरे को बदमाशों ने क्यों छोड़ा?
जानकारी के मुताबिक 43 वर्षीय राजकुमार (बदला हुआ नाम) नरेला की गौतम कॉलोनी में रहता है। वह घर के पास स्थित फार्म हाउस में चौकीदारी करता है। परिवार में 40 वर्षीय पत्नी और 15 वर्षीय बेटा है।
राजकुमार की 22 वर्षीय बेटी की तीन साल पहले सोनीपत के गनौर में शादी हो चुकी है। तीन दिन पहले वह दो साल के बेटे के साथ मायके आई थी।
बताया गया है कि शनिवार रात को खाना खाने के बाद राजकुमार बेटे के साथ फार्म हाउस चला गया। घर में पत्नी, बेटी और नाती था।
दोनों का सिर ईंट से कूंचा गया
रविवार सुबह फार्म हाउस से जब बेटा घर पहुंचा तो उसने कमरे के बाहर बहन को अर्द्धनग्न और लहूलुहान हालत में देखा। पास में ही उसकी मां भी खून से लथपथ हालत में पड़ी थी।
वहीं दो साल का भांजा भी मिला, जिसके कपड़ों पर खून लगा था। हालांकि बच्चे को चोट नहीं आई। किशोर ने पिता को और राजकुमार ने पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पाया कि दोनों के सिर पर ईंट से हमला किया गया था।
बेटी की मौत हो चुकी थी, जबकि उसकी मां की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने घायल महिला को राजा हरिश्चंद अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे लोक नायक अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पहले दूसरे घर में पहुंचे थे आरोपी
अस्पताल में उपचार के दौरान राजकुमार की पत्नी को कुछ देर के लिए होश में आई। इस दौरान उसने बताया कि रात में चार लोग घर पर आए थे, लेकिन वह इनमें से किसी को नहीं पहचानती।
इसके बाद वह बेहोश हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि महिला बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस ने महिला के होश में आने पर मामला साफ होने की उम्मीद जताई।
राजकुमार का कमरा एक खाली प्लॉट में किनारे पर बना हुआ है। यहां घर काफी दूरी-दूरी पर बने हैं। घटनास्थल से कुछ दूर रहने वाले एक शख्स ने बताया कि शनिवार रात उसने अपने घर के पास कुछ लोगों की आवाज सुनी थी।
जब उसने आवाज लगाई तो वे भाग गए। आशंका जताई गई है कि आरोपी पहले उस शख्स के घर पर धावा बोलने आए थे, लेकिन घर के सदस्य के टोके जाने के बाद सभी ने महिलाओं के घर पर धावा बोल दिया।
किसी ने नहीं सुनी मासूम की चीख पुकार
राजकुमार ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद जब वह घर पहुंचा तो नाती के कपड़े को खून से सना हुआ पाया, लेकिन वह सही सलामत मिला। बच्चा अभी बोल नहीं पाता है, लेकिन उसकी मां के साथ क्या हुआ, वह बता नहीं सकता।
वहीं राजकुमार की पत्नी भी बयान देने की हालत में नहीं है। बताया गया है कि घर ऐसी जगह पर बना है, जहां से मासूम की चीख पुकार भी कोई नहीं सुन सका। यही वजह है कि घटना के समय का भी पता नहीं चल सका है।
वारदात से लोगों में दिखी नाराजगी
नरेला में दो दिनों के भीतर दो महिलाओं की हत्या और एक पर जानलेवा हमला होने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया। रविवार सुबह मां-बेटी पर हुए हमले की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। उन्होंने पुलिस पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर लगाया। उनका कहना था कि इन इलाकों में कभी भी पुलिस को गश्त करते हुए नहीं देखा गया।
बाहरी दिल्ली के उपायुक्त विक्रमजीत सिंह ने कहा कि नरेला थाने में हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। मां-बेटी के कान की बाली गायब होने की बात सामने आई है। इस बाबत संबंधित धारा को भी जोड़ा जाएगा। उनके साथ गैंगरेप की बात कहना जल्दबाजी होगी। घायल महिला के बयान और उसकी बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहना ठीक होगा।