Fortis: 11 महीने पहली की थी लापरवाही, अब जा कर 2 डॉक्टर पहुंचे सलाखों के पीछे
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11 महीने पहले फोर्टिस अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से हुई महिला की मौत के मामले में शुक्रवार को एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने दोनों आरोपी डॉक्टरों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस ने इन्हें मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किया था।
पुलिस जानकारी के मुताबिक फोर्टिस अस्पताल के चीफ कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ एसएस मूर्ति व सीनियर रेजीडेंट कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ वी नागा राजू के अलावा अस्पताल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन मालविंद्र मोहन सिंह सहित करीब आधा दर्जन के खिलाफ करीब दो महीने पहले पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
पुलिस को आरडी सिटी निवासी मुकेश घई ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी सीमा घई (51) को 12 मई 2017 को देररात सीने में दर्द की शिकायत के चलते फोर्टिस अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
यहां मौजूद डॉक्टरों का दाखिल करने के समय से ही बेहद खराब रवैया सामने आया। आरोप है कि डॉक्टर उन्हें बहाने से टरकाते रहे और हार्ट अटैक के समय आपात स्थिति में दिए जाने वाली दवाइयां भी उन्हें नहीं दी र्गइं। अगले दिन सुबह उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पूरे मामले में मृतक के पति घई ने डॉक्टरों पर गैर जिम्मेदाराना रवैया होने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। जिसमें पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था। जांच में बोर्ड ने डॉक्टरों को इलाज में लापरवाही का दोषी पाया।
इस रिपोर्ट में बोर्ड ने कहा कि डॉक्टरों ने मरीज को हार्ट अटैक होना बताया लेकिन समय पर जीवन रक्षक दवाइयां नहीं देने की लापरवाही सामने आई।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 20 फरवरी को फोर्टिस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन मालविंद्र मोहन, डॉक्टर एसएस मूर्ती, डॉक्टर रविंद्र, डॉक्टर वी नागाराजू व डॉक्टर राजीव नायर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
इस मामले में पुलिस की तरफ से गठित एसआईटी ने जांच पड़ताल में डॉक्टरों को आरोपी मानते हुए शुक्रवार को कार्रवाई की, जिसमें दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया। जहां कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें जमानत मिल गई।
एसआईटी इंचार्ज इंस्पेक्टर गौरव फोगाट ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पुलिस ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया। अभी मामले की जांच चल रही है जल्द ही और भी कार्रवाई संभव है।