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पिता की मौत का बदला लेने के लिए की थी शार्प शूटर की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 24 May 2016 12:56 AM IST
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हत्या
- फोटो : Getty
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राहुल खट्टा गैंग के शार्प शूटर की हत्या के मामले में कासना कोतवाली पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को एलजी गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार किया है। इनके पास से देशी पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है, कि आरोपी ने अपने पिता और चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए शार्पशूटर भीम सिंह को मारा था।
एसपी देहात अभिषेक यादव ने सोमवार को प्रेसवर्ता में 14 मई की रात लोनी निवासी शार्प शूटर भीम सिंह की हत्या का खुलासा किया। उन्होनें बताया कि हत्या के मुख्य अभियुक्त लोनी का रहने वाला आशू उर्फ अश्वनी पुत्र बबलू गुर्जर और उसका रिश्तेदार अंकुर पुत्र वीरेंद्र निवासी बागपत को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात कुबूल की है। मीडिया के सामने आरोपी अश्वनी ने बताया कि उसने भीम सिंह की हत्या अपने पिता और चाचा की मौत का बदला लेने के लिए किया था। इसमें उसके रिश्तेदार भी साथ थे। उसके पिता की हत्या 2005 में हुई थी। इसके कुछ दिन बाद ही उसके चाचा की भी हत्या कर दी गई थी। उसका कई साल से भीम के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
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तीन लोग पहले जा चुके हैं जेल
भीम सिंह की हत्या के मामले में कासना कोतवाली पुलिस ने घटना के दो दिन बाद ही जीवन पुत्र छिद्दा निवासी साकीपुर को स्विफ्ट कार के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस 18 मई को बलराम नगर लोनी निवासी मोहित पुत्र अनिल को और 20 मई को सोनू उर्फ अजय पुत्र राजेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं इस मामले में नामजद एक अन्य आरोपी मोनू पुत्र राजेंद्र के सिंगापुर में रहकर पढ़ाई करने की बात सामने आ रही है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
यह थी घटना
पुलिस के मुताबिक, आशू उर्फ अश्वनी और अजय पुत्र राजेंद्र की कासना कोतवाली क्षेत्र के रामपुर मार्केट में दुकान है। 14 मई की शाम दुकान पर शार्पशूटर भीम सिंह गुर्जर, ज्ञानेंद्र समेत चार अन्य लोग पहुंचे थे। जहां पर दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
गाली-गलौज भी हुई। इस पर भीम सिंह और उसके साथ मौजूद लोगों ने हथियार निकाल लिया। यह देख अजय ने चोर-चोर कहते हुए शोर मचा दिया। शोर सुनकर बाकी दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने भीम को साथियों संग दौड़ाकर पकड़ लिया और गोली मारकर हत्या कर दी। शव को लोनी में ले जाकर ठिकाने लगा दिया था।
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एसपी देहात अभिषेक यादव ने सोमवार को प्रेसवर्ता में 14 मई की रात लोनी निवासी शार्प शूटर भीम सिंह की हत्या का खुलासा किया। उन्होनें बताया कि हत्या के मुख्य अभियुक्त लोनी का रहने वाला आशू उर्फ अश्वनी पुत्र बबलू गुर्जर और उसका रिश्तेदार अंकुर पुत्र वीरेंद्र निवासी बागपत को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात कुबूल की है। मीडिया के सामने आरोपी अश्वनी ने बताया कि उसने भीम सिंह की हत्या अपने पिता और चाचा की मौत का बदला लेने के लिए किया था। इसमें उसके रिश्तेदार भी साथ थे। उसके पिता की हत्या 2005 में हुई थी। इसके कुछ दिन बाद ही उसके चाचा की भी हत्या कर दी गई थी। उसका कई साल से भीम के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
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तीन लोग पहले जा चुके हैं जेल
भीम सिंह की हत्या के मामले में कासना कोतवाली पुलिस ने घटना के दो दिन बाद ही जीवन पुत्र छिद्दा निवासी साकीपुर को स्विफ्ट कार के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस 18 मई को बलराम नगर लोनी निवासी मोहित पुत्र अनिल को और 20 मई को सोनू उर्फ अजय पुत्र राजेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं इस मामले में नामजद एक अन्य आरोपी मोनू पुत्र राजेंद्र के सिंगापुर में रहकर पढ़ाई करने की बात सामने आ रही है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
यह थी घटना
पुलिस के मुताबिक, आशू उर्फ अश्वनी और अजय पुत्र राजेंद्र की कासना कोतवाली क्षेत्र के रामपुर मार्केट में दुकान है। 14 मई की शाम दुकान पर शार्पशूटर भीम सिंह गुर्जर, ज्ञानेंद्र समेत चार अन्य लोग पहुंचे थे। जहां पर दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
गाली-गलौज भी हुई। इस पर भीम सिंह और उसके साथ मौजूद लोगों ने हथियार निकाल लिया। यह देख अजय ने चोर-चोर कहते हुए शोर मचा दिया। शोर सुनकर बाकी दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने भीम को साथियों संग दौड़ाकर पकड़ लिया और गोली मारकर हत्या कर दी। शव को लोनी में ले जाकर ठिकाने लगा दिया था।