गांजा तस्करी में सेना के हवलदार समेत तीन धरे, ओडिशा से दिल्ली व यूपी में करते थे सप्लाई
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर सेना के हवलदार (एचएमटी गन फिटर) और दिल्ली पुलिस के पूर्व एसआई के बेटे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से 75.38 किलो गांजा बरामद किया गया है। आरोपी ओडिशा से गांजा लाकर दिल्ली व यूपी में सप्लाई करते थे। अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार, साउथ-वेस्टर्न रेंज में तैनात एएसआई युद्धवीर सिंह को सूचना मिली थी कि ओडिशा व बिहार से लाकर दिल्ली व यूपी के अलग-अलग इलाकों में गांजे की सप्लाई हो रही है।
30 अगस्त को इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी की टीम ने घेराबंदी कर सेक्टर-14 द्वारका से गांजा सहित तीन आरोपियों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से गांजे के 30 पैकेट बरामद किए गए।
आरोपियों की पहचान ओडिशा निवासी बाबूजी साहू (43), उत्तम नगर, दिल्ली निवासी जितेंद्र यादव (22) और भोगपुर मिथोनी भूर सिरकोई मुरादाबाद, यूपी निवासी नरेंद्र यादव (27) के रूप में हुई।
आरोपियों के कब्जे से 75.38 किलो गांजा बरामद
बाबूजी साहू का वर्ष 1992 में सेना में बतौर सिपाही चयन हुआ था। बाद में उसकी पदोन्नति हवलदार (एचएमटी गन फिटर) के रूप में हो गई। अभी उसकी तैनाती अमृतसर, पंजाब में है।
वह गांजा बेचने वाले अपने गांव के कुछ लोगों के संपर्क में आया और उसे मोटी कमाई का लालच देकर गांजा सप्लाई करने के लिए तैयार कर लिया। वह जब भी छुट्टी पर अपने गांव जाता तो आर्मी के बक्से में गांजा छिपाकर ट्रेन से लाता और दिल्ली व यूपी में सप्लाई करता था।
इसके बाद वह फ्लाइट से वापस ओडिशा चला जाता था। मुरादाबाद स्थित एक्सपोर्ट फर्म में काम करने वाले नरेंद्र कुमार ने दो वर्ष पहले ऑटो पार्ट्स की दुकान खोली थी। इसमें उसे भारी घाटा हो गया।
दिल्ली में उसकी जितेंद्र यादव से मुलाकात हुई। जितेंद्र के कहने पर वह बाबूजी साहू के साथ गांजे की सप्लाई करने लगा। जितेंद्र दिल्ली पुलिस के पूर्व सब-इंस्पेक्टर का बेटा है। उसके पिता की बीमारी के चलते पांच वर्ष पहले मौत हो गई है।