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केजरीवाल सरकार का न्यूनतम मजदूरी संशोधन विधेयक राष्ट्रपति ने लौटाया
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Mar 2017 09:52 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विधानसभा से 14 महीने पहले पास करके भेजा गया न्यूनतम मजदूरी संशोधन विधेयक, 2015 को राष्ट्रपति ने दिल्ली विस को पुनर्विचार के लिए वापस लौटा दिया है।
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तर्क फिर दिल्ली सरकार की परिभाषा को लेकर है। विधेयक में दिल्ली सरकार का मतलब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार किया गया है जबकि पुराने में प्रशासक को माना जाता है।
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विधेयक वापस आने की सूचना विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सदन की कार्रवाई के दौरान दी। विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि 8 मार्च का उपराज्यपाल का संदेश मिला है कि राष्ट्रपति ने न्यूनतम मजदूरी संशोधन विधेयक, 2015 पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया है।
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श्रममंत्री गोपाल राय ने बताया है कि बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी तो दिल्ली में लागू हो गई है लेकिन कोई उसे लागू नहीं करता है तो वर्तमान कानून में सजा मात्र 6 महीने की सजा और जुर्माना 500 रुपये है।
संशोधन में इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये जुर्माना और सजा तीन साल करके भेजा था। वहीं वापस आया है। एक बार पहले भी विधेयक वापस आया था जिसमें कुछ सवालों के जवाब भेजे थे, अब दूसरी बार वापस आया है।
हालांकि आपत्ति क्या है, ये अभी नहीं देखा। मुख्यमंत्री से विचार विमर्श करके न्यूनतम मजदूरी वृद्धि की तरह इस पर भी संघर्ष करेंगे।