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करोड़ों की ठगी करने वाला पूर्व महामंडलेश्वर लखनऊ से गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 28 Feb 2017 01:40 AM IST
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sachidanand giri
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली, यूपी और पंजाब में करोड़ों की ठगी करने वाले पूर्व महामंडलेश्वर उर्फ सचिदानंद गिरी महाराज उर्फ सचिन दत्ता को पुलिस ने रविवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया।
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36 वर्षीय सचिन दत्ता उर्फ बिल्डर बाबा लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन में छुपकर रह रहा था। पुलिस की मानें तो आरोपी बाबा पर दिल्ली स्थित ईओडब्ल्यू थाने में 11.50 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
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वहीं नोएडा में भी बिक चुकी प्रॉपर्टी पर मोटा लोन लेने का आरोप है। दोनों ही मामलों में कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा घोषित किया हुआ था। इसके अलावा कई अन्य मामलों में वह ठगी में शामिल रहा है। पुलिस ने संबंधित पुलिस थानों को सचिन दत्ता की गिरफ्तारी की सूचना दे दी है।
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11.50 करोड़ ठगी का भगोड़ा आरोपी बाबा महामंडलेश्वर
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उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉक्टर अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि रविवार को डीआईयू (डिस्ट्रिक्ट इंवस्टीगेशन यूनिट) की टीम धोखाधड़ी के एक मामले की जांच के लिए लखनऊ गई थी।
वहां जांच के दौरान एसआई अखिलेश वाजपेयी और एसआई राजेंद्र व अन्यों की टीम को सूचना मिली कि दिल्ली में ईओडब्ल्यू थाने में 11.50 करोड़ ठगी का भगोड़ा आरोपी बाबा महामंडलेश्वर गोमती नगर एक्सटेंशन में रह रहा है।
वहां जांच के दौरान एसआई अखिलेश वाजपेयी और एसआई राजेंद्र व अन्यों की टीम को सूचना मिली कि दिल्ली में ईओडब्ल्यू थाने में 11.50 करोड़ ठगी का भगोड़ा आरोपी बाबा महामंडलेश्वर गोमती नगर एक्सटेंशन में रह रहा है।
ये है 11.30 करोड़ रुपये ठगी का मामला
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- फोटो : अमर उजाला
पहले ईओडब्ल्यू थाने में तैनात रहे एएसआई नरेश समेत अन्य लोगों ने गोमती नगर के मकान में छापा मारकर सचिन दत्ता को दबोच लिया। सोमवार शाम को दिल्ली पुलिस की टीम उसे लेकर दिल्ली पहुंच गई।
आरोपी ने ठगी के मामलों में अपना हाथ होने की बात कबूल की है। ठगी करने के बाद वह नोएडा से लखनऊ फरार हो गया था। वहां वह मीट, गत्ते और गुटके की फैक्टरी लगाने का विचार कर रहा था।
आनंद विहार निवासी नरेंद्र बरमेचा ने पुलिस को बताया था कि 2011 में उसकी मुलाकात आरोपी सचिन दत्ता, उसकी मां तृप्ता, पिता आरके दत्ता से हुई। सचिन उस समय बिल्डर बाबा व बालाजी कंस्ट्रेक्शन के मालिक के रूप में जाना जाता था। इन सब के जरिये उसकी मुलाकात नत्थू त्यागी और उसके बेटे सचिन त्यागी से हुई। यह सारे लोग मानकपुर, नोएडा में कोई प्रोजेक्ट चला रहे थे। नरेंद्र को इस प्रोजेक्ट में पार्टनर बनाकर उससे 11.30 रुपये ठगे गए। मामले की शिकायत के बाद 16 नवंबर 2015 को दिल्ली के ईओडब्ल्यू थाने में ठगी का मामला दर्ज हुआ। मई 2016 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ठगी के मामले में सचिन को भगोड़ा घोषित कर दिया। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी।
आरोपी ने ठगी के मामलों में अपना हाथ होने की बात कबूल की है। ठगी करने के बाद वह नोएडा से लखनऊ फरार हो गया था। वहां वह मीट, गत्ते और गुटके की फैक्टरी लगाने का विचार कर रहा था।
आनंद विहार निवासी नरेंद्र बरमेचा ने पुलिस को बताया था कि 2011 में उसकी मुलाकात आरोपी सचिन दत्ता, उसकी मां तृप्ता, पिता आरके दत्ता से हुई। सचिन उस समय बिल्डर बाबा व बालाजी कंस्ट्रेक्शन के मालिक के रूप में जाना जाता था। इन सब के जरिये उसकी मुलाकात नत्थू त्यागी और उसके बेटे सचिन त्यागी से हुई। यह सारे लोग मानकपुर, नोएडा में कोई प्रोजेक्ट चला रहे थे। नरेंद्र को इस प्रोजेक्ट में पार्टनर बनाकर उससे 11.30 रुपये ठगे गए। मामले की शिकायत के बाद 16 नवंबर 2015 को दिल्ली के ईओडब्ल्यू थाने में ठगी का मामला दर्ज हुआ। मई 2016 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ठगी के मामले में सचिन को भगोड़ा घोषित कर दिया। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी।