कॉलेज के सामने से अगवा नहीं हुई थी छात्रा, बल्कि ये निकला सच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय डिग्री कॉलेज के सामने से बीए की छात्रा के अपहरण का मामला झूठा निकला। सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में छात्रा की फुटेज कैद हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में दावा किया कि छात्रा का अपहरण नहीं, बल्कि खुद गई है।
परिजनों ने जिस समय अपहरण किए जाने की बात कही उसके बाद की मेट्रो से उतरने की फुटेज सामने आ गई। वह बॉटेनिक गार्डन मेट्रो स्टेशन से बाहर निकली, जहां इरफान नाम के ऑटो चालक के मोबाइल से किसी देवेंद्र को फोन किया। देवेंद्र पहले छात्रा के घर पर किरायेदार था। देवेंद्र का फोन बंद जा रहा है। पुलिस छात्रा की तलाश में जुटी है।
गेझा निवासी रीना (परिवर्तित नाम) राजकीय डिग्री कॉलेज सेक्टर-39 में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। वह मंगलवार सुबह की पाली में परीक्षा देने गई थी। उसे उसका भाई छोड़ने गया था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि भाई जैसे ही कॉलेज के गेट पर छोड़कर वापस मुड़ा, तभी उसे बहन की आवाज सुनाई दी।
पुलिस को घर वालों के बयान पर शक हुआ
वह कार तक पहुंचता तब तक कार सवार उसकी बहन को लेकर फरार हो गए। छात्रा के घर वालों ने देवेंद्र शर्मा और तीन अज्ञात के खिलाफ सेक्टर-39 थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को घर वालों के बयान पर शक हुआ।
पुलिस जांच में जुटी और सभी मेट्रो स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में छात्रा की फुटेज मिली। वह टोकन लेकर मेट्रो में सवार हुई। फिर वह बॉटेनिक गार्डन मेट्रो स्टेशन पर उतरी है। वहां के सीसीटीवी कैमरे में भी छात्रा कैद है।
पुलिस के मुताबिक परिजनों ने अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच में यह साफ हो गया। सीसीटीवी फुटेज आने के बाद यह भी स्पष्ट हो गया कि छात्रा खुद गई है। भाई ने भी झूठी कहानी पुलिस को बताई थी।