छात्र की संदिग्ध मौत, पिता ने मुख्यमंत्री से योगी से लगाई गुहार
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एमिटी विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई कर रहे छात्र उदित शंकर की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत की निष्पक्ष जांच कराने के लिए पिता उमा शंकर सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से गुहार लगाई है।
उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बेटे की हत्या की आशंका व्यक्त की। उन्होंने नोएडा पुलिस पर लापरवाही से जांच कराने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री ने उनका शिकायती पत्र लेकर सही जांच कराने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया है। उमा शंकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके बेटे की मौत के बाद किसी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और यूजीसी को उदित के नाम का एक फर्जी सुइसाइड नोट भेजा था।
इसमें उदित की आत्महत्या के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया था। थाना सेक्टर-39 पुलिस द्वारा कराई गई फॉरेंसिक जांच में सुइसाइड नोट की लिखावट उदित से नहीं मिली थी। इससे उसकी मौत की हादसा या खुदकुशी की जगह हत्या की आशंका और बढ़ गई है।
नोएडा पुलिस ने सुइसाइड नोट की लिखावट का मिलान करने के लिए उदित के साथ विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले उसके तीन दोस्तों की लिखावट के भी नमूने लिए थे। उनकी भी लिखावट सुइसाइड नोट से नहीं मिली। हालांकि, सुइसाइड नोट किसने लिखा है ये अब तक स्पष्ट नहीं हो सका।
उदित के परिजनों का मानना है कि उसकी मौत को आत्महत्या दर्शाने के लिए साजिश के तहत किसी ने ये फर्जी सुइसाइड नोट लिखा था। नोएडा पुलिस अब तक सुइसाइड नोट लिखने वाले का पता नहीं लगा सकी है।
यह है मामला
परिजनों का कहना है कि हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से जहां से उदित गिरा था उसके एक पैर की चप्पल अलग दिशा में मिली है। पुलिस को जांच में पता चला था कि घटना के वक्त उदित के साथ छत पर उसके तीन दोस्त भी मौजूद थे।
बावजूद 12 घंटे तक उदित के लापता रहने पर उन्होंने किसी को न तो जानकारी दी और न ही उसे तलाशने का प्रयास किया। उदित का शव पीठ के बल मिला था। आत्महत्या करने पर शव पेट के बल मिलता। उसके शव के पास से बरामद मोबाइल फोन पर खरोंच तक नहीं आई है। ऐसे में आशंका है कि हत्या के बाद किसी ने शव के पास मोबाइल रखा है।
पालम कॉलोनी, दिल्ली में परिवार के साथ रहने वाला 19 वर्षीय उदित शंकर सिंह एमिटी विश्वविद्यालय से बीटेक प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। मूलरूप से जलपुराताया भोजपुर बिहार निवासी उदित विश्वविद्यालय के छात्रावास में ही रहता था। 24 नवंबर 2016 को उसका शव हॉस्टल के पीछे खून से लथपथ मिला था। थाना सेक्टर-39 में उदित की मौत के मामले में अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज है।
पिता के अनुसार, बेटे की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए नोएडा पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा घटनास्थल का मौका मुआयना और नाट्य रूपांतरण कराया। इसके लिए उन्हें पुलिस के कई चक्कर काटने पड़े और बहुत दबाव बनाना पड़ा। बावजूद पुलिस के कहने के अनुसार फॉरेंसिक टीम ने पूरे घटनास्थल का मौका मुआयना और उदित के नीचे गिरने का नाट्य रूपांतरण दो तरह से किया, पहला हत्या और दूसरा दुर्घटना मानकर। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने अन्य संभावनाओं पर जांच नहीं की।