{"_id":"585fa7e54f1c1b8a40eeaf73","slug":"signed-on-letterhead-1-4-million-evacuated","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लेटर हेड पर साइन किया और निकाल लिया 1.4 करोड़","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लेटर हेड पर साइन किया और निकाल लिया 1.4 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sun, 25 Dec 2016 04:35 PM IST
विज्ञापन
file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गुरुग्राम की मल्टी नेशनल कंपनी के दो कर्मचारियों ने अपनी ही कंपनी में हैरतअंगेज कारनामा कर दिखाया। कंपनी को करोड़ाां रुपये का चूना लगा दिया।
गबन का आरोप लगाते हुए कंपनी के महाप्रबंधक ने दोनों आरोपी कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दोनों कर्मचारी कंपनी में बतौर सेल्स हेड व हेड ऑफ अकाउंट्स हैं। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने कंपनी के अधिकृत लेटरहेड का इस्तेमाल करते हुए उस पर फाइनेंस मैनेजर के हस्ताक्षर कर इतनी बड़ी रकम निकाल ली।
डीएलएफ फेज-2 एरिया में एमजी रोड पर ओमरॉन कंपनी है। यह कंपनी सिंगापुर की बताई जाती है। पुलिस को दी शिकायत में कंपनी के महाप्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि कंपनी में मनोज कुमार महाराना सेल्स हेड और विशाल ढींगरा बतौर अकाउंट्स हेड काम करते थे।
गबन का आरोप लगाते हुए कंपनी के महाप्रबंधक ने दोनों आरोपी कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दोनों कर्मचारी कंपनी में बतौर सेल्स हेड व हेड ऑफ अकाउंट्स हैं। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने कंपनी के अधिकृत लेटरहेड का इस्तेमाल करते हुए उस पर फाइनेंस मैनेजर के हस्ताक्षर कर इतनी बड़ी रकम निकाल ली।
डीएलएफ फेज-2 एरिया में एमजी रोड पर ओमरॉन कंपनी है। यह कंपनी सिंगापुर की बताई जाती है। पुलिस को दी शिकायत में कंपनी के महाप्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि कंपनी में मनोज कुमार महाराना सेल्स हेड और विशाल ढींगरा बतौर अकाउंट्स हेड काम करते थे।
विज्ञापन
file photo
- फोटो : demo pic
उन पर आरोप है कि नवंबर 2012 से फरवरी 2016 तक कंपनी के फंड को कई कामों को पूरा करने के नाम पर निकाला गया। आरोप है कि मनोज व विशाल ने मिलकर साजिश के तहत कंपनी के फंड से 1.4 करोड़ रुपये निकाले। सारी रकम इन चार सालों में अलग-अलग काम के लिए निकाली गई।
आरोपियों द्वारा दिल्ली स्थित जिस कंपनी को प्रचार के लिए पैसे दिए जाने दिखाए गए, जब उस कंपनी में संपर्क कर पता लगाने का प्रयास किया तो इस तरह की कोई कंपनी ही नहीं मिली। यही नहीं फरवरी 2016 के बाद जून में भी कुछ रकम कंपनी के खाते से निकाली गई।
जब कंपनी को इसकी भनक लगी तो कंपनी स्तर पर मामले की गोपनीय जांच शुरू की गई। पुलिस के अनुसार कंपनी जीएम द्वारा यह शिकायत इसी वर्ष जून माह में दी गई थी।
आरोपियों द्वारा दिल्ली स्थित जिस कंपनी को प्रचार के लिए पैसे दिए जाने दिखाए गए, जब उस कंपनी में संपर्क कर पता लगाने का प्रयास किया तो इस तरह की कोई कंपनी ही नहीं मिली। यही नहीं फरवरी 2016 के बाद जून में भी कुछ रकम कंपनी के खाते से निकाली गई।
जब कंपनी को इसकी भनक लगी तो कंपनी स्तर पर मामले की गोपनीय जांच शुरू की गई। पुलिस के अनुसार कंपनी जीएम द्वारा यह शिकायत इसी वर्ष जून माह में दी गई थी।