मास्टरमाइंड ने किया खुलासा, फर्जी तरीके से ट्रांसप्लांट हुई थीं कई किडनी
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दिल्ली के प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल अपोलो में फर्जी तरीके से पांच नहीं बल्कि 10 किडनी ट्रांसप्लांट हुई थीं। ये खुलासा दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद किडनी रैकेट के मास्टर माइंड टी. राजकुमार ने किया है।
राजकुमार ने बताया कि उसने अपोलो में फर्जी तरीके से 10 किडनी ट्रांसप्लांट कराई हैं। पुलिस अभी तक पांच केसों की जांच कर रही थी। राजकुमार ने अपोलो अस्पताल के ही एक डॉक्टर के पर्सनल स्टाफ को रैकेट में शामिल होने की बात बताई है।
हालांकि, पुलिस अभी इसके नाम का खुलासा नहीं कर रही है। वहीं रैकेट में शामिल एक और आरोपी दीपक ने बृहस्पतिवार को कोलकाता पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इस मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजकुमार ने जालंधर, कोलकाता, कोयंबटूर में किडनी रैकेट में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
अपोलो के एक और स्टाफ का नाम सामने आया
उसने बताया कि फर्जी तरीके से जालंधर में पांच, कोलकाता में पांच और कोयंबटूर में 10 किडनी ट्रांसप्लॉट में कराई हैं। दिल्ली पुलिस अन्य आरोपियों को राजकुमार के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
इससे पहले पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह राजकुमार को कोलकाता से ट्रांजिट रिमांड पर लाने के बाद साकेत कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने राजकुमार को चार दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है।
पुलिस ने इसके अलावा आसिम, सत्यप्रकाश, देवाशीष, अपोलो अस्पताल का स्टाफ आदित्य व शैलेष को भी बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने इन पांचों को दो-दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दीपक गिरोह में राजकुमार के एजेंट के रूप में काम करता था। वह किडनी देने वाले लोगों को पकड़कर राजकुमार को पास लाता था। दीपक कर को लेने के लिए सरिता विहार थाने की पुलिस बृहस्पतिवार रात को कोलकाता रवाना हो रही है।