उम्रकैदः भतीजी से रेप कर जिंदा जला डाला था
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फरीदाबाद के नौ साल की भतीजी के साथ दुष्कर्म कर उसे जिंदा ही आग में झोंक कर मारने वाले फूफा और बुआ को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
बुलंदशहर, यूपी निवासी चंद्रसेन ने पांच अगस्त 2014 को फरीदाबाद के सराय ख्वाजा थाने में नौ साल की बेटी भारती (बदला हुआ नाम) हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चंद्रसेन ने बताया था कि फरीदाबाद के रौशन नगर में रहने वाली उसकी बहन संगीता 13 जुलाई को बेटी भारती को अपने साथ ले गई थी। 18 जुलाई को वह कांवड़ लेने के लिए चला गया था।
25 जुलाई को लौट कर आया तो मां कैला देवी ने बताया कि संगीता के घर में आग लग गई है, अब वह ओखला में रह रही है। वह संगीता से मिला तो उसने बताया कि घर में आग लगी थी, तबसे आरती गायब है। उसने बेटी को खोजा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। वह रौशन नगर स्थित संगीता के मकान पहुंचा।
बुआ ने किया भतीजी से रेप में मदद
मकान के सामने खाली पड़े प्लॉट में संगीता के घर का जला हुआ सामान पड़ा था। राख खंगालने पर उसमें हड्डियां, बाल और भारती की पैंट का बटन मिला। इसकी सूचना उसने पुलिस को दी थी। जांच में संगीता ने बताया कि उसका पति सुनील बच्ची के साथ दुष्कर्म करता था।
19 जुलाई को बच्ची ने विरोध किया तो संगीता ने उसकी पिटाई कर दी। सिर में चोट लगने की वजह से बच्ची बेहोश हो गई थी। दोनों बच्ची को कमरे में बंद कर कहीं चले गए थे। दो घंटे बाद लौट कर दोनों ने मिलकर बेहोश बच्ची को बेड के बक्से में बंद कर कमरे में आग लगा दी।
सारा सामान जल जाने के बाद दोनों उसे बाहर खाली प्लॉट में फेंक दिया था। मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया ने दोनों को बच्ची की हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों को जेल भेज दिया गया।