विदेशी युवती से छेड़छाड़ करने वाले कैब ड्राइवर ने रची थी बड़ी साजिश
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विदेशी युवती के साथ छेड़छाड़ व अश्लील हरकतों के मामले में ओला कंपनी की बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। कैब विक्रम सिंह के नाम रजिस्टर्ड है, जबकि उसे बलराज उर्फ राज सिंह चला रहा था।
मालिक होने के कारण ओला में कैब का एग्रीमेंट विक्रम सिंह के नाम है। रजिस्टर्ड कराते समय विक्रम सिंह का वेरीफिकेशन भी हुआ होगा। अब सवाल ये खड़ा होता है कि क्या ड्राइवर बलराज का वेरीफिकेशन हुआ था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ओला कंपनी की ओर से कई लापरवाही सामने आई है। लापरवाही यह भी है कि ड्राइवर बलराज को पता नहीं था कि गोविंदपुरी कहां है। कहा यह भी जा रहा है कि ड्राइवर ने विदेशी युवती के साथ गलत करने की नीयत से जीपीएस सिस्टम में चितरंजन पार्क की जगह गोविंदपुरी फीड कर दिया हो।
ड्राइवर ने विदेशी युवती को चितरंजन पार्क की बजाय गोविंदपुरी में छोड़ा था। इसे भी ओला कंपनी की लापरवाही बताई जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस जल्द ही ओला को पत्र लिखकर कई सवालों के जवाब मांगेगी।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी ड्राइवर
पुलिस के अनुसार, जल्द ही कैब मालिक विक्रम सिंह को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पूछा जाएगा कि जब ओला कंपनी से एग्रीमेंट उसका हो रखा था तो उसने राज सिंह को कैब क्यों दी। क्या बलराज का वेरीफिकेशन करवाया गया था। कैब मेसर्स केशव ट्रेवल्स के नाम से रजिस्टर्ड है, जिसका मालिक विक्रम सिंह है।
पुलिस के अनुसार, बेल्जियम की युवती के मोबाइल में बैलेंस खत्म हो गया था। युवती ने बलराज का मोबाइल लेकर चितरंजन पार्क में रहने वाली सहेली से बात की थी। उसकी सहेली ने पुलिस को बलराज का नंबर दे दिया था। इसी के जरिये पुलिस गुड़गांव स्थित बलराज के घर तक पहुंची। ओला कंपनी की ओर से भी पुलिस को सहायता मिली।
पुसिल के अनुसार, बलराज युवती को गोविंदपुरी में डर की वजह से छोड़कर भाग गया था। वह ईडब्ल्यू ऑफ रिजवेन्ड एस्टेट सोसाइटी ऑफ डीएलएफ, फेज-चार गुड़गांव स्थित अपने घर में जाकर खाना खाकर सो गया था।
चितरंजन पार्क थानाध्यक्ष गोविंद चौहान की देखरेख में इंस्पेक्टर संजीव कुमार व एसआई अजीत सिंह की टीम घर से उसे सोते हुए दबोचा। बलराज को अंदाजा नहीं था कि युवती की शिकायत पर पुलिस इतनी जल्दी कार्रवाई करेगी। वह रविवार की सुबह मुंडावर, अलवर स्थित अपने गांव भागने की फिराक में था।
विदेशी युवती ने शिकायत में कहा है कि आरोपी ड्राइवर ने उसकी अपने मोबाइल से अश्लील हरकतें करते वीडियो बनाई और फोटो भी खींचे। पुलिस ने बलराज का मोबाइल को जब्त कर लिया है। उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
पुलिस की जांच के दायरे में जीपीएस सिस्टम
ओला कंपनी की ओर से शनिवार रात को आए बयान के अनुसार, ड्राइवर बलराज को तुरंत प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है। एग्रीमेंट भी खत्म कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि ड्राइवर के ऐसे व्यवहार को लेकर कंपनी जीरो टोलरेंस पॉलिसी अपनाती है। ग्राहक की सुरक्षा से किसी तरह का खिलवाड़ बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस जांच कर रही है कि जीपीएस सिस्टम कैब को गोविंदपुरी कैसे ले गया। ड्राइवर बलराज कैब को गुड़गांव से जीपीएस सिस्टम से ला रहा था। क्या उसने जीपीएस सिस्टम बंद कर दिया था या फिर जीपीएस सिस्टम बंद था। क्या ड्राइवर बलराज ने जीपीएस में चितरंजन पार्क की जगह गोविंदपुरी फीड किया था।
पुलिस ने खुद ही कराई टीआरपी
विदेशी युवती के वीजा की अवधि सोमवार को खत्म हो रही है। युवती रविवार रात को ही अपने देश लौट गई। ऐसे में पुलिस के पास समय नहीं था कि वह युवती को कोर्ट में ले जाकर आरोपी की टीआरपी कराए। पुलिस ने युवती को थाने बुलाकर आरोपी ड्राइवर बलराज की टीआरपी करा ली। टीआरपी में पीड़ित युवती की पहचान कर ली थी।
इलाके के विवाद में नहीं पड़ी पुलिस
विदेशी युवती से छेड़छाड़ मामले में चितरंजन पार्क थाना पुलिस ने इलाके के विवाद में न पड़कर अच्छी मिशाल पेश की। कैब गुड़गांव से चली तो इलाका सबसे पहले गुड़गांव पुलिस का हुआ। इसके बाद आरोपी ने युवती के साथ अश्लील हरकतें हौजखास थाना इलाके में करना शुरू किया। दूसरा इलाका हौजखास थाना पुलिस का पड़ता। तीसरा इलाका गोविंदपुरी थाना पुलिस का था, क्योंकि ड्राइवर ने युवती को गोविंदपुरी में छोड़ा था। जबकि, विदेशी युवती की सहेली चितरंजन पार्क में रहती है, अत: उसने उसी थाने को शिकायत दी।