सोशल मीडिया पर लोग निकाल रहे बिसाहड़ा पर भडास, हिंदू संगठन हुए सक्रिय
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बिसाहड़ा कांड के मामले में जेल में बंद युवकों को छुडाने, गोहत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर साठा चौरासी के साथ गांवों के लोगों में उबाल आ रहा है। वहीं हिंदू संगठनों के धरने प्रदर्शन भी शुरू हो गए है। रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर सितंबर के पुर्नरावृति होने की आशंका बनी रही है। ऐसे संकेत खुफिया तंत्र भी पहले ही दे चुका है। लेकिन उसको नजरांदाज किया जा रहा है।
जारचा के बिसाहडा कांड में मांस की फॉरेसिंक रिपोर्ट में गौहत्या की पुष्टि हो चुकी है। गौहत्या के पुष्टि होने के बाद साठा चौरासी के गांवों के लोग आक्रोशित है। उनके द्वारा अब तक दबी जुबान में युवकों को रिहा करने का बात कही जाती रही है।
लेकिन अब हर ओर से युवकों को रिहा कराने और गौहत्या के मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने और आरोपियों को गिरफ्तार कराने की मांग तेजी से उठ रही है। मामले से जुडे अभियुक्तों के परिजनों के साथ ही बिसाहडा गांव के हिंदू ही नहीं दूसरे वर्ग के लोग भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है।
गौहत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गांव के बीस लोगों ने जारचा कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी जा चुकी है। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस ने दो दिन का समय लिया है। जिसको लेकर बिसाहडा गांव के लोग अभी चुप है। पूर्व में होने वाले ग्रामीणों की पंचायतों को प्रशासन के दबाव के चलते रोका जाता रहा है। इस बार ग्रामीण गोपनीय रूप से रणनीति बना रहे है।
साठा चौरासी के दूसरे गांव में बनाई जा रही रणनीति
बिसाहडा के अलावा साठा चौरासी के अन्य गांवों में पंचायतें करके रणनीति तय की जा रही है। जिन लोगों के द्वारा पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। उनके जानकारियों गोपनीय रखी जा रही है। पुलिस को दिए समय के अनुसार दो दिनों का समय शनिवार सायं को खत्म हो जाएगा। रविवार को बिसाहडा गांव में कुछ चुनिंदा लोगों की पहले गोपनीय स्थान पर पंचायत होगी। पंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी। आंदोलन की रणनीति को गोपनीय रखा जाएगा।
हालाकि मामले में जुडे अभियुक्तों के परिवार के लोगों का कहना है कि उनको न्यायपालिका में विश्वास है। कोई भी ऐसा काम नहीं किया जाएगा। उनके द्वारा गांव में शांतिं बनाए रखने की अपील लोगों से की जा रही है।
साठा चौरासी के प्रमुख गांव सपनावत में गुरूवार को प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर आंदोलन की शुरूवात की जा चुकी है। जिसमें नारेबाजी के दौरान पुलिस चौकी पर भी लोगों ने हंगामा किया था।
साठा चौरासी गांवों के लोगों ने अपने अपने स्तर से आंदोलन चलाने का मन बनाया है। वहीं दूसरी और शनिवार को हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष चैनपाल प्रधान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया।
सोशल मीडिया पर भी लोग बिसाहड़ा मामले को लेकर भडास निकल रहे है। जिसके चलते ही अलीगढ़ के के युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। लोगों का कहना है कि अगर गौहत्या का मामला दर्ज नहीं हुआ तो सिंतबर का घटना की पुर्नरावृति होने का आशंका बनी है। इसी तरह की रिपोर्ट भी खुफिया तंत्र ने भेजी जा चुकी है।