बहू को मारने वाली सास को उम्रकैद
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बहू के मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर दोषी ठहराते सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सास को अपनी बहू को जलाकर मारने का दोषी करार दिया। अदालत ने सास पर एक लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल ने बृहस्पतिवार को केशव पुरम जय माता मार्केट निवासी सरोज मित्तल (51) को दीप्ति मित्तल (20) को जलाकर मारने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दूसरी ओर मृतका के पति अमित व ससुर शिव कुमार मित्तल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है क्योंकि हादसे के समय वे दोनों घर पर मौजूद नहीं थे।
बहू ने इलाज के दौरान दो बयान दिए
मृत्यु पूर्व दीप्ति ने अस्पताल में इलाज के दौरान दो बयान दिए थे। पहले बयान में कहा था कि रसोई में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई थी। दूसरे बयान में सास सरोज मित्तल पर आग लगाने की बात कही थी।
सरोज मित्तल की सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल का पिछला कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और गिरफ्तारी के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक दीप्ति मित्तल को जली हुई हालत में 18 जुलाई 2013 को महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक वह साठ फीसदी जली हुई थी।
इसके मद्देनजर उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया था। वहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। केशव पुरम पुलिस ने मृतका के ससुराल वालों के खिलाफ हत्या, दहेज हत्या व दहेज प्रताड़ना की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।