लौटा यौन उत्पीड़न का आरोपी, बाइक पर 'विलेन इज बैक' लिख कर घूम रहा
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उसकी बाइक के पीछे एक स्टिकर लगा है जो ये बताने के लिए काफी है कि वो कैसा शख्स है। उस स्टिकर पर लिखा है 'विलन इज बैक'। ये बात है मोबिन आजाद सैफी की जिसपर बीते साल दिसंबर में वसंत कुंज में यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था।
उसकी हरकतें ये इशारा कर रही हैं कि वो फिर से अपने पुराने रवैये पर लौट आया है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बीते शुक्रवार को वसंत कुंज के किशनगढ़ में कॉन्गो के एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में मोबिन का नाम भी शामिल है।
23 वर्षीय अफ्रीकी युवक ओलिवियर की हत्या के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए तो उसमें एक जाना-पहचाना चेहरा भी सामने आया। यह मोबिन का ही चेहरा था, उसकी कद काठी के कारण पुलिस उसे फौरन पहचान गई।
पहले भी कई मामले हैं दर्ज
पुलिस ने मोबिन को मेहरौली के उसके घर से पकड़ा। पुलिस का कहना है कि मोबिन को पता भी नहीं था कि अफ्रीकी युवक ओलिवियर मर चुका है। मोबिन और उसके दोस्तों ने ओलिवियर पर पत्थरों से जबरदस्त हमला किया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मोबिन पर हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।
बता दें कि मोबिन के पिता कारपेंटर का काम करते हैं और वो खुद मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर काम करता है। उसका एक छोटा भाई भी है जो बेंगलुरू में पढ़ता है। पुलिस ने बताया कि मोबिन एक चोरी के मामले में भी शामिल पाया गया था और पिछले साल यौन उत्पीड़न के केस में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 29 दिसंबर 2015 को 17 और 19 साल की दो लड़कियां अपने पिता के साथ टहल रही थीं। उसी दौरान मोबिन अपने दोस्त के साथ बाइक पर बैठ कर जा रहा था तब ही उसने एक लड़की का हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की थी। हालिया हत्याकांड के बाद हरियाणा और यूपी दोनों राज्यों की पुलिस मोबिन और उसके दोस्त के ठिकानों पर पांच टीमें भेजी गई हैं।