मीट काटने वाले चाकू से काट दिया बच्चे का हाथ, इस छोटी सी भूल की मिली सजा
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उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके में महज घर के सामने पानी डालने पर नशे में धुत युवक ने 10 साल के मासूम बच्चे का हाथ काट डाला। मासूम का हाथ लगभग पूरी तरह कटकर खाल में लटक गया।
शोर होने पर भीड़ ने आरोपी को चाकू समेत पकड़कर बुरी तरह पीटा। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पीड़ित रमेश राय (10) को कश्मीरी गेट स्थित ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत और कई घंटों के ऑपरेशन के बाद उसका हाथ जोड़ दिया।
वहीं आरोपी अभिमन्यु उर्फ मुन्ना (19) को शनिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। तिमारपुर थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक रमेश अपने परिवार के साथ 159/1 गोपालपुर, तिमारपुर में रहता था। इसके परिवार में पिता अनिल राय, मां संजू राय, दो बहन व एक बड़ा भाई राहुल (17) है।
रमेश पास के सरकारी स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र है। शुक्रवार शाम करीब 4:45 बजे राहुल रमेश को नहला रहा था। राहुल ने रमेश को नहलाने के बाद पानी सड़क पर डाल दिया।
इस बात से पड़ोस में रहने वाला युवक अभिमन्यु नाराज हो गया। वह मीट काटने वाला बड़ा चाकू लेकर राहुल के घर में घुसा और उसने चाकू का जोरदार वार रमेश के बाएं हाथ पर कर दिया। चाकू लगते ही रमेश का हाथ कोहनी के ऊपर से कटकर खाल में लटक गया। राहुल ने शोर मचा दिया।
इसी दौरान पड़ोसियों के अलावा रमेश के परिजन वहां आ गए। परिजन उसे लेकर फौरन ट्रामा सेंटर भागे। भीड़ ने आरोपी को दबोचकर जमकर पीटा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
थोड़ी देर और होती तो नहीं जुड़ता हाथ
ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे रमेश को देखकर डॉक्टरों का कहना था कि परिवार उसे सही समय पर ले आया। यदि थोड़ी देर होती तो उसका हाथ नहीं जुड़ पाता।
डॉक्टरों ने कई घंटों के सर्जरी के बाद रमेश का हाथ जोड़कर उस पर प्लास्टर कर दिया है। शनिवार को डॉक्टरों ने उसके हाथ पर प्लास्टर कर उसकी छुट्टी दे दी है।
बेड फुल होने की वजह से कर दी छुट्टी
वहीं परिजनों का आरोप है कि मासूम दर्द से छटपटा रहा है। इसके बावजूद सरकारी अस्पताल में बेड फुल होने की बात कहकर जबरदस्ती छुट्टी दे दी गई।
घर पर बच्चा बुरी तरह बैचेन है। परिजनों ने कहा कि फिलहाल उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह प्राइवेट अस्पताल में बच्चे का इलाज करा सकें।