आभूषण कारोबारी बेचता था बेटा पैदा होने की शर्तिया दवा, गिरफ्तार
सरकार की बेटी बढ़ाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम को नुकसान पहुंचा रहे एक झोलाछाप दंपति और एक आभूषण कारोबारी के पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। झोलाछाप दंपति संजय कॉलोनी रोड पर क्लीनिक है, जहां दोनों मिलकर अवैध गर्भपात के जरिये कन्या भ्रूण हत्या कर रहे थे।
जबकि आभूषण कारोबारी बेटा पैदा होने की शर्तिया दवा अपनी दुकान से बेच रहा था। पुलिस ने डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव भगत की तहरीर पर केस दर्ज कर आभूषण कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया जबकि फरार झोलाछाप दंपति की तलाश की जा रही है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव भगत ने बताया कि उन्हेें सूचना मिली थी कि संजय कॉलोनी में अवैध गर्भपात और बेटा पैदा होने की शर्तिया दवा देने वाले क्लीनिक खुले हुए हैं।
अवैध गर्भपात कराने वालों तक पहुंचने के लिए उन्होंने एक गर्भवती महिला सुमन (नाम परिवर्तित) को टीम में शामिल किया। मंगलवार देर शाम सुमन 33 फिट रोड स्थित चौहान हेल्थ सेंटर पहुंची। सेंटर पर खुद को डॉक्टर बताने वाले हरींद्र सिंह चौहान उनकी पत्नी मीना जो खुद को स्त्री रोग विशेषज्ञ बता रही थी, मौजूद थे। सुमन ने गर्भपात कराने को कहा तो हरींद्र सिंह ने उसे मीना के पास भेज दिया।
क्लीनिक में गर्भपात कराने में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण टीम ने बरामद किए
मीना ने 1200 रुपये लेकर गर्भपात की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान सुमन ने टीम को इशारा कर दिया। टीम ने छापा मार कर हरींद्र सिंह दंपति से उसकी मेडिकल डिग्री मांगी लेकिन दोनों ही डिग्री नहीं दिखा सके। क्लीनिक में गर्भपात कराने में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण टीम ने बरामद किए।
टीम कार्रवाई कर रही थी इस दौरान दंपति झांसा देकर फरार हो गया। मुजेसर थाने के एएसआई धर्मबीर ने बताया कि फरार दंपति के खिलाफ मेडिकल एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
उनकी तलाश की जा रही है। इसके बाद टीम ने इसी कॉलोनी में स्थिति कृष्ण ज्वैलर्स पर सुमन को भेजा। शॉप पर बैठे सुरेश चंद्र वर्मा ने गर्भवती सुमन को देख कर बताया कि उनके पास पुत्र जीवक वटी है जिससे शर्तिया बेटा ही पैदा होगा।
सुमन ने दवा खरीदने के बाद टीम को इशारा कर दिया। सुरेश चंद्र के पास भी मेडिकल की कोई डिग्री नहीं निकली। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव भगत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मुजेसर थाने के एएसआई मुकेश कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।