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परिवार का ल़ाडला था, आंखो में थे कई सपने पर अपहरणकर्ताओं ने उसे मार डाला

Fri, 30 Mar 2018 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 30 Mar 2018 10:14 AM IST
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he was precious to his parents, but kidnappers killed him
व्हाट्सएप पर आयुष का हाथ पैर बंधा फोटो - फोटो : अमर उजाला

पालम इलाके से दिल्ली विश्वविद्यालय के रामलाल आनंद कॉलेज में बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र आयुष नौटियाल को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गयी।अपहरणकर्ताओं ने गत 22 मार्च को कॉलेज जाने के दौरान उसे अगवा किया था और फिरौती के रूप में परिवार वालों से 50 लाख रुपये की मांग की थी।

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शिकायत मिलने के बाद पुलिस परिवार वालों के साथ छात्र की तलाश कर रही थी। इसी दौरान बुधवार को छात्र का शव द्वारका सेक्टर 13 स्थित नाले के किनारे मिला। परिजनों ने पुलिस पर मामले की जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। 
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पुलिस के अनुसार मृतक की शिनाख्त आयुष(21) के रूप में हुई है। वह माता-पिता और दो बहनों के साथ साधनगर गली नंबर एक में रहता था। उसके पिता दिनेश चंद्र बीमा कंपनी में प्रशासनिक अधिकारी हैं।
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आयुष के चचेरे भाई निखिल ने बताया कि गत 22 मार्च को आयुष कॉलेज जाने के लिए निकला था। रात नौ बजे तक वापस नहीं आने पर उसके पिता ने आयुष के मोबाइल पर फोन लगाया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

50 लाख रुपये देने में असमर्थता जतायी

he was precious to his parents, but kidnappers killed him
छात्र आयुष नौटियाल की फाईल फोटो - फोटो : अमर उजाला

कुछ देर बाद आयुष के नंबर से पिता के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने व्हाट्सएप देखने के लिए कहा। व्हाट्सएप पर आयुष का हाथ पैर बंधा फोटो था।

उसके सिर पर चोट का निशान था। आयुष के फोन से फिर से उसके पिता के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने आयुष के अपहरण किये जाने की बात कही और 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। उसके बाद परिवार वालों ने थाने में इसकी शिकायत की। 

परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें चुपचाप रहने की सलाह दी और आयुष को ढूंढने का आश्वासन दिया। उसके बाद परिवार वाले अपहरणकर्ता से बात कर 50 लाख रुपये देने में असमर्थता जतायी।

बातचीत करने के बाद 12 लाख रुपये पर सौदा तय हुआ। परिजन अपहरकर्ता के कहने पर रुपये लेकर द्वारका तो कभी मुनिरका, मोहन गार्डन घुमते रहे। लेकिन आरोपी रुपये लेने नहीं आये।

27 मार्च की रात अपहरणकर्ताओं ने रुपये लेकर परिजनों को वसंत विहार स्थित एक पार्क में बुलाया। यहां भी पुलिस उनके साथ थी। अगले दिन आयुष का शव सेक्टर 13 के पास मिला।

पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि अपहरणकर्ताओं ने आयुष को अगवा करने के कुछ दिन बाद ही उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक शव चार पांच दिन पुराना है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। 

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