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गोल्ड फील्ड मामले में बढ़ी कॉलेज चेयरमैन की पुलिस रिमांड
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 19 Jun 2016 12:49 AM IST
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पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
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छायसां स्थित गोल्ड फील्ड मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर कानूनी शिंकजा कसना शुरू हो गया है। छात्रों के साथ धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार चेयरमैन शशि अदलखा को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 13 मई को छायसां थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने 12 जून को चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया था।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों को विश्वास में लेकर उन्हें दाखिला दिया था। जिसके बाद प्रबंधन ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए धोखाधड़ी की और मार्च 2016 में कॉलेज पर ताला जड़ दिया।
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जिससे एमबीबीएस के 400 छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक गई। मेडिकल काउंसिल से संबंधता के लिए कॉलेज प्रबंधन की तरफ से दी गई डेढ़ करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि जब्त हो चुकी है।
भविष्य अंधकार में देख छात्रों ने जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई थी। जांच अधिकारी सज्जन सिंह ने बताया कि आरोपी को पहले भी पांच दिन की रिमांड पर लिया गया था। शनिवार को अदालत में पेश किया। एक दिन की रिमांड और बढ़ गई है।
स्वास्थ्य मंत्री के पत्र से हरकत में आई पुलिस
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद गोल्ड फील्ड कॉलेज पर कानूनी शिकंजा कसा गया है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर मंत्री ने आपत्ति जताते हुए 30 मई को गृह विभाग के मुख्य अतिरिक्त सचिव रामनिवास और डीजीपी केपी सिंह को चिट्ठी लिखी थी।
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मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 13 मई को छायसां थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने 12 जून को चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया था।
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विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों को विश्वास में लेकर उन्हें दाखिला दिया था। जिसके बाद प्रबंधन ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए धोखाधड़ी की और मार्च 2016 में कॉलेज पर ताला जड़ दिया।
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जिससे एमबीबीएस के 400 छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक गई। मेडिकल काउंसिल से संबंधता के लिए कॉलेज प्रबंधन की तरफ से दी गई डेढ़ करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि जब्त हो चुकी है।
भविष्य अंधकार में देख छात्रों ने जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई थी। जांच अधिकारी सज्जन सिंह ने बताया कि आरोपी को पहले भी पांच दिन की रिमांड पर लिया गया था। शनिवार को अदालत में पेश किया। एक दिन की रिमांड और बढ़ गई है।
स्वास्थ्य मंत्री के पत्र से हरकत में आई पुलिस
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद गोल्ड फील्ड कॉलेज पर कानूनी शिकंजा कसा गया है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर मंत्री ने आपत्ति जताते हुए 30 मई को गृह विभाग के मुख्य अतिरिक्त सचिव रामनिवास और डीजीपी केपी सिंह को चिट्ठी लिखी थी।