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बीके अस्पताल के पूर्व DPM को चार साल की कैद
अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 08 Mar 2014 11:51 AM IST
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रिश्वत लेने वाले फरीदाबाद के बीके अस्पताल के पूर्व डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट मैनेजर (डीपीएम) और उसके कार चालक को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया की अदालत ने शुक्रवार को चार-चार साल कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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डीपीएम पर डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती के लिए एक व्यक्ति से 80 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। मामला 23 अगस्त 2012 का है। फतेहपुर बिलौच निवासी विनोद कुमार ने बीके अस्पताल में डाटा एंट्री ऑपरेटर पद पर आवेदन किया था।
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18 अगस्त को इंटरव्यू के दौरान डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार यादव ने भर्ती के लिए 80 हजार रुपये रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने उसे 50 हजार रुपये दिए, लेकिन वह नहीं माना। वह 30 हजार रुपये की और मांग कर रहा था।
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परेशान होकर विनोद ने गुड़गांव स्थित स्पेशल विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत कर दी। ब्यूरो वे विरेंद्र सिंह राणा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया।
विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता को चिन्हित नोट देकर डीपीएम विनोद यादव के पास भेजा। डीपीएम के रुपये लेने के बाद टीम ने विनोद यादव के कार्यालय पर छापा मारा और उसके चालक से रुपये बरामद कर लिए। इसी आधार पर दोनों पर रिश्वत लेने का मामला चल रहा था।