हवालात से वैन में चढ़ाने के दौरान हिरासत से भागे पांच बंदियों के मामले में पुलिसकर्मियों से मिलीभगत की बात सामने आ रही है। हालांकि एसएसपी मामले की गहनता से जांच के बाद ही कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
आंख में मिर्च पाउडर डालकर भागने वाले कैदियों की पुलिस ने की थी मदद, जांच शुरू
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बड़ी वारदात को अंजाम देने तो नहीं भागे पांचों
घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने कहा कि पहली प्राथमिकता फरार बंदियों को पकड़कर दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचाने की है। फरार बंदियों को पकडऩे में किसी अन्य एजेंसी की भी मदद ली जा सकती है।
उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि फरार बंदियों को पकडऩे के लिए छह टीमें गठित कर दी हैं। जल्द से जल्द सभी को पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस रिकॉर्ड की तरफ नजर डालें तो हिरासत से फरार हुए पांचों बंदियों के खिलाफ संगीन मामले दर्ज हैं। आशंका जताई जा रही है कि पांचों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए फरार हुए हैं। हालांकि पुलिस ने फरार बंदियों के संभावित ठिकानों का पता लगाना शुरू कर दिया है।
पहले भी हिरासत से भाग हो चुके हैं बंदी
अप्रैल 2015 में जिला कारागार से खुर्जा कोर्ट में पेशी पर आया हत्यारोपी पेशी पर लाए पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च डालकर भाग गया था। उसकी फरारी के बाद हत्या के मामले में वादी की जान पर खतरा मंडराने लगा था।
पुलिस ने उसे एक सप्ताह बाद हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। इसके बाद जून 2015 में न्यायालय परिसर से हत्या के मामले में पेशी पर आया मुल्जिम फरार हो गया था। पुलिस आजतक उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
इसके कुछ दिन बाद ही न्यायालय परिसर में पेशी पर आया एक लूट का आरोपी हथकड़ी से हाथ निकालकर भाग गया था। जिसमें दो माह बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
पुलिसकर्मियों के पास थे एके-47 जैसे आधुनिक हथियार
पेशी पर लाए पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर फरार हुए पांच बंदियों ने पुलिसकर्मियों से हथियार नहीं लूटे। यदि बंदी हथियार लूट ले जाते तो खुद को बचाने के लिए बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। क्योंकि पुलिसकर्मियों के पास एके-47 जैसे आधुनिक हथियार भी मौजूद थे।
बता दें कि हाल ही में प्रदेश के हमीरपुर जिले में कोर्ट से जेल ले जाने वाली वैन से उतारते समय पुलिसकर्मियों की आंख में मिर्च पाउडर झोंककर और पुलिसवालों की राइफल छीनकर छह कैदी भाग निकले थे।
इनमें से चार कैदियों को बेतवा नदी से पकड़ लिया गया था, लेकिन छीनी गई राइफल और बाकी दो कैदियों को पकडऩे में हमीरपुर पुलिस का अमला जुटा हुआ है। राइफल लूटे जाने से हमीरपुर पुलिस में हड़कंप मच गया था, लेकिन अनूपशहर में ऐसा नहीं हुआ।
यहां बंदियों ने पूरा दिमाग सफलतापूर्वक भागने में लगाया। जबकि यहां पुलिसकर्मियों के पास एके-47 जैसे आधुनिक हथियार और राइफलें थीं। हथियार सही सलामत रहने पर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।
एक ही गैंग के शातिर तो नहीं पांचों....
हालांकि भागे पांच बदमाशों पर अलग-अलग कई मामले दर्ज हैं। हालांकि एक साथ फरार होने से अंदेशा जताया जा रहा है कि ये लोग एक ही गैंग से ताल्लुक रखते हैं। इसलिए तो एक साथ फरार हुए हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी इस पर ज्यादा कुछ बोलने को राजी नहीं हैं।
पेशी पर लाए पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च झोंककर फरार होने वाले रूपेंद्र उर्फ पैना पुत्र मंगलसेन निवासी रूपनगर नई बस्ती पहासू पर जनपद के अलावा अलीगढ़ के विभिन्न थानों में भी मामले दर्ज हैं।
रूपेंद्र उर्फ पैना पर घर में घुसकर चोरी, अपहरण, धोखाधड़ी, लूट, लूट के प्रयास समेत अलीगढ़ के अतरौली, बन्नादेवी, गांधीपार्क, हरदुआगंज, जनपद के कोतवाली देहात, डिबाई और पहासू थाने में कई मामले दर्ज हैं।