किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, महिला सहित चार नामजद
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किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में थाना सेक्टर-सात पुलिस ने तीन युवकों सहित पीड़ित किशोरी की मामी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अदालत के आदेश पर दर्ज मामले में किशोरी की मां ने सेक्टर-11 पुलिस चौकी में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर आरोपियों के साथ मिलीभगत कर जांच में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेक्टर-11 चौकी क्षेत्र के अंतर्गत एक बस्ती में रहने वाली महिला ने अदालत में इस्तगासा दायर कर बताया कि उसकी बेटी बस्ती में ही रहने वाले राकेश और सूरज के साथ अक्सर बात करती थी। महिला ने कई बार अपनी बेटी को उनसे बात करने से रोका, मगर किशोरी की मामी उसकी उन युवकों से बात करवाती रहती थी। गत 15 जुलाई 2017 को जब वह काम से लौटी तो देखा कि उसकी बेटी घर पर नहीं है। उसने बेटी की कई जगह तलाश की, मगर उसके बारे में कुछ पता नहीं चला।
इस पर उसने सेक्टर-11 पुलिस चौकी में उसके लापता होने का मामला दर्ज करवा दिया। इस दौरान वे अपने स्तर पर उसकी तलाश करते रहे। आठ अगस्त 2017 को महिला का दूसरा भाई किसी काम से दिल्ली गया था। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उसने अपनी लापता भांजी को देखा और उसके साथ सूरज भी था। किशोरी के मामा को देखकर आरोपी वहां से भाग गया। किशोरी का मामा उसे घर लेकर आ गया।
राकेश और सूरज ने किशोरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन बुलाया था
पूछताछ के दौरान किशोरी ने घर वालों को बताया कि राकेश और सूरज ने उसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन बुलाया था। वहां पहुंचने पर उन दोनों के साथ एक तीसरा युवक भी था। तीनों उसे चंडीगढ़ ले गए और वहां एक कमरा किराए पर लेकर रहने लगे। राकेश ने मकान मालिक को उसे अपनी पत्नी बताया। किशोरी का आरोप है कि इस दौरान तीनों आरोपी उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म करते थे। इस दौरान एक अन्य महिला भी आती थी।
किशोरी की मां के अनुसार वे अपनी बेटी को लेकर सेक्टर-11 पुलिस चौकी पहुंचे जहां पवन व बच्चू सिंह नामक दो पुलिसकर्मी उन्हें महिला सेल बल्लभगढ़ ले गए। महिला का आरोप है कि वहां उन्हें रात को 9 बजे तक बैठाए रखा, मगर न तो कोई बयान लिए गए और न ही उसकी मेडिकल जांच करवाई गई। रात को उन्हें वापस भेज दिया गया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद वे जब भी चौकी में आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में पूछने के लिए जाते थे तो उन्हें हर बार यह कह कर वापस भेज दिया जाता था कि मामले की जांच चल रही है। महिला का आरोप है कि पिछले साल 17 अगस्त को आरोपी सूरज ने उसे फोन कर धमकाया कि बेटी की जिंदगी चाहती है तो पुलिस में शिकायतबाजी करना छोड़ दे। इस बारे में महिला ने आरोपी पुलिसकर्मियों को बताया मगर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला ने पुलिस आयुक्त सहित सीएम विंडो पर भी शिकायत की, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला की इस्तगासा पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दीपक कुमार ने सेक्टर सात थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के आदेश दिए।