'शारीरिक संबंध बनाने के लिए किया छल'
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दुष्कर्म मामले में शादीशुदा शख्स को दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी ठहराए हुए 15 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
दोषी ने अपनी शादी की बात छिपाकर पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाए और उसके बाद उससे विवाह किया। कोर्ट ने उसे पीड़िता के माता-पिता से धोखाधड़ी से 12.6 लाख रुपये लेने का भी दोषी ठहराया।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने बृहस्पतिवार को उत्तम नगर निवासी आरोपी को दुष्कर्म, धोखाधड़ी, विश्वासघात की धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
'अवैध थी ये शादी'
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उसने शारीरिक संबंध के लिए छल से पीड़िता की सहमति हासिल की थी। पीड़िता से उसकी शादी अवैध थी।
अभियोजन के मुताबिक दोषी ने पीड़िता को वर्ष 2006 में बहला फुसलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए थे और अपने शादीशुदा व दो बच्चे होने की बात को छिपाकर रखा।
दोषी ने नवंबर 2007 में पीड़िता से पूरे तामझाम के साथ शादी की थी। पीड़िता को सितंबर 2011 में उसके पहले से शादीशुदा होने की बात पता चली थी।