पीपली लाइव निर्देशक दुष्कर्म मामले में फारूकी की पत्नी ने की थी समझौते की कोशिश
अमरीकी शोधकर्ता से दुष्कर्म मामले में सजा पाने वाले मेहमूद फारूकी की पत्नी ने इस मामले में समझौता करवाने के लिए दखल दिया था। पीड़िता को फारूकी से मिलने वाले गवाह ने अपनी गवाही में यह बात कही थी।
फारूकी की पत्नी ने इस गवाह से कहा था कि वह पीड़िता से संपर्क करे ताकि वह दुष्कर्म के आरोप वापस ले। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन के समक्ष दानिश हुसैन ने अपना बयान दर्ज करवाया था।
उसने अपने बयान में कहा था कि घटना के फौरन बाद पीड़िता ने उसे मैसेज किया था और फारूकी द्वारा नशे की हालात में दुष्कर्म की बात बताई। अदालत के समक्ष इस गवाह ने कहा कि फारूकी की पत्नी अनुषा रिजवी ने उससे कहा था कि वह पीड़िता से संपर्क करे ताकि वह दुष्कर्म का आरोप वापस ले।
अभियोजन के इस गवाह ने कहा कि फारूकी के घर से निकल कर पीड़िता ने टैक्सी ली और रास्ते में फोन पर पूरी घटना का जिक्र किया। उसने बताया कि पार्टी खत्म होने के बाद फारूकी ने पीड़िता को रोक लिया था। अदालत में गवाह ने कहा कि फारूकी ने मैसेज व ईमेल भेजकर उससे माफी मांगी थी और कोई कदम नहीं उठाने के लिए कहा था।
जबरन ओरल सेक्स के लिए पहली सजा
पीड़िता ने दानिश को वह ईमेल भी भेजे थे जो उसके, फारूकी और उसकी पत्नी के बीच साझा हुए थे। बता दें यह गवाह पीड़िता और फारूकी का दोस्त था। इसी ने पीड़िता को फारूकी से मिलवाया ताकि उसे गुरु गोरखनाथ पर शोध करने में मदद मिल सके।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने भी फारूकी की पत्नी के व्यवहार पर सवाल उठाए थे। अदालत ने पूछा था कि दुष्कर्म की घटना के बाद फारूकी की पत्नी ने उसका विरोध क्यों नहीं किया।
जबरन ओरल सेक्स के लिए पहली सजा
यह पहला मामला है, जिसमें जबरन ओरल सेक्स के लिए सजा सुनाई गई है। पीड़िता ने जबरन ओरल सैक्स का आरोप लगाया था। निर्भया गैंग रेप के बाद दुष्कर्म की धारा में संशोधन करके जबरन ओरल सेक्स को भी जोड़ा गया था।
दूसरी ओर पीड़िता ने बयान में कहा था कि निर्भया गैंग रेप की पीड़िता के अंजाम को याद करके उसने दुष्कर्म का विरोध नहीं किया था। इस फैसले पर पीड़िता की पैरवी करने वाली अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि पहले जबरन ओरल सेक्स को दुष्कर्म के दायरे में नहीं रखा जाता था लेकिन संशोधन होने के बाद इसे भी दुष्कर्म में शामिल किया गया है।