पूर्व सैनिक ग्रेवाल खुदकुशी मामला : क्या किसी के उकसाने के बाद रामकिशन ने की थी आत्महत्या!
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भिवानी, हरियाणा केपूर्व सैनिक सूबेदार रामकिशन ग्रेवाल खुदकुशी मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है। अभी तक नई दिल्ली जिले की साउथ एवेन्यू थाना पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविन्द्र यादव ने पूर्व सैनिक खुदकुशी मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कागाजी कार्यवाही पूरी होने के बाद जांच अपराध शाखा के पास आ जाएगी।
अपराध शाखा ये देखेगी कि सबूदार रामकिशन के साथ मौजूद या फिर अन्य तो उसे खुदकुशी के लिए तो नहीं उकसाया था। सूबेदार ग्रेवाल को दिल्ली आने के लिए किसने कहा था। पूर्व सैनिक खुदकुशी मामला सुनियोजित तो नहीं था।
रात करीब एक बजकर नौ मिनट पर गई थी पुलिस को कॉल
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूबेदार रामकिशन एक नवंबर को अपने साथियों के साथ भिवानी से ट्रेन से दिल्ली आया था। दिल्ली में ये दिल्ली कैंट इलाके में उतरे थे। यहां से बस से तीन मूर्ति पहुंचे थे।
यहां से पैदल ही एमईए की बिल्डिंग पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि सूबेदार रामकिशन नेहरू पार्क, भिवानी में पृथ्वी, जगदीश राय और राजकुमार से मिले थे। राजकुमार ने दिल्ली चलने के लिए कहा था। जवाहर पार्क, दिल्ली से जगदीश राय खाना लेने चला गया था।
राजकुमार को कुछ देर बाद जहरीले पदार्थ की बदबू आई थी, तब सूबेदार ग्रेवाल द्वारा जहरीला पदार्थ खाने का पता लगा था। ये किसी मंत्री के घर नहीं गए थे। रात करीब एक बजकर नौ मिनट पर पुलिस को कॉल की गई थी।
फोन वाला ऑडियो पुलिस को नहीं दिया गया है
भिवानी से आकर सूबेदार रामकिशन अपने साथियों के साथ जंतर-मंतर गया था या नहीं इस बात की जांच की जा रही है। रामकिशन के साथियों का कहना है कि वह जंतर-मंतर गए थे और वहां रजिस्टर में इंट्री की थी।
हालांकि दिल्ली पुलिस इनकेजंतर-मंतर जाने की बात से इंकार कर रही है। ये भी बताया जा रहा है कि वह केन्द्रीय रक्षा मंत्री केघर मिलने गए थे, मगर उन्हें मिलने नहीं दिया गया था।
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिजन व साथियों ने जहरीला पदार्थ खाने के बाद पिता-बेटे की बातचीत की रिकार्डिंग वाली ऑडियो पुलिस को नहीं दिया है। मीडिया से ही ऑडियो के बारे में पता लगा था। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि क्या रामकिशन व उसकेबेटे की बातचीत की हमेशा रिकार्डिंग होती थी या नहीं।
जिस प्रार्थना पत्र में रामकिशन ने खुदकुशी करने की बात की है उसकी हैडराइटिंग की विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी। ये देखा जाएगा कि खुदकुशी की बात सूबेदार रामकिशन ने लिखी है या नहीं। रामकिशन केसाथियों ने अपने बयान में रक्षा मंत्री के घर जाने की बात का जिक्र नहीं किया है।